Written By Shikha Kaushik on शनिवार, 19 फ़रवरी 2011 | 11:08 pm
उतरा मेरा प्लेन तो
जनता उछल रही , भाषण मेरा सुनने को वो थी मचल रही , मोबाईल केमरा से फोटो रहे थे खीच , प्यासी जनता बहा पसीना धरती रही थी सीच, मैं ज्यों ही स्टेज पर देने लगा भाषण, तब घटी घटना ; पर मैं हूँ विलक्षण , तेजी से एक जूता मेरी तरफ आया , मैंने भी अपनी फुर्ती का कमाल दिखाया , कर लिया जूते को जल्दी से मैंने कैच , तालियाँ बजी ,मैं जीत गया मैच . http://netajikyakahtehain.blogspot.com/