नियम व निति निर्देशिका::: AIBA के सदस्यगण से यह आशा की जाती है कि वह निम्नलिखित नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और यह अनुपालित न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से AIBA की सदस्यता से निलम्बित किया जा सकता है: *कोई भी सदस्य अपनी पोस्ट/लेख को केवल ड्राफ्ट में ही सेव करेगा/करेगी. *पोस्ट/लेख को किसी भी दशा में पब्लिश नहीं करेगा/करेगी. इन दो नियमों का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. द्वारा:- ADMIN, AIBA

hindi poem लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
hindi poem लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

जीवन धारा

Written By नीरज द्विवेदी on गुरुवार, 24 नवंबर 2011 | 8:53 pm




अविरल चलती करती छल छल,
रखती सुख दुःख जीवन धारा।
स्वयं अकिंचन, भरती कण कण,
गति निर्मोही ये जीवन धारा॥

Founder

Founder
Saleem Khan