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चरणदास महंत के बाद मजबूत होगी कांग्रेस

Written By बरुण सखाजी on बुधवार, 31 जुलाई 2013 | 6:58 pm

Charan Das Mahant, Prez. Cg Congres.
छत्तीसगढ़ में भाजपा के 10 सालों से काबिज होने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली तो यहां पर कांग्रेस का वेरी वर्नाकुलर सियासी होना और आपसी झगड़ा है, तो दूसरी वजह भाजपा सरकार के खिलाफ मोटा मोटी स्तर पर कोई नकारात्मक लहर का न होना। इनमें से एक वजह तो खत्म सी होती दिख रही है और दूसरी किसी भी वक्त खत्म हो सकती है। पहली वजह आपसी झगड़े को चरणदास महंत के पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने से जोड़कर देखा जाना चाहिए। यह समझना होगा कि जोगी की अपनी ताकत थी, राहुल गांधी से उनका सीधा व्यक्तिगत कनेक्शन। लेकिन पिछले तीन महीनों में देखा गया है, कि उनकी स्थिति साल 2003 के नतीजों के बाद जैसी है। उस वक्त जोगी छत्तीसगढ़ में हारे थे, विधायकों की खरीदपरोख्त के कारण पार्टी की छवि पर भी भारी पड़े थे, तो सोनिया गांधी ने पूरी तरह से उनका 10 जनपथ में प्रवेश बंद कर दिया था। यह अखबारी सुर्खियां भी थीं। ठीक इसी वक्त मध्यप्रदेश के तत्कालीन सीएम दिज्विजय सिंह के साथ भी हुआ था। उन्हें एमपी की जनता की मूर्खता पर इतना भरोसा था, कि वे 2003 में हारने पर 10 सालों तक सियासी सन्यास की घोषणा कर चुके थे। परंतु हमने पिछले 10 सालों में दिज्विजय सिंह का कद इतना बढ़ते हुए देखा है, जितना कि उनका सीएम के तौर पर नहीं था। इसे ही सियासी सन्यास कहते होंगे?
जोगी पर आते हैं। जोगी बहुत ही ताकतवर और उम्दा सीएम साबित हो सकते थे। किंतु वे तिकड़मों में लगे रहे। और छत्तीसगढ़ के 3 सालों में वे यूं हो गए कि जैसे उनके न रहते हुए कोई और माइका लाल सीएम नहीं बन सकता। और इसी जद्दोजहद ने राज्य में कांग्रेस की डे टू डे कमजोर कर डाला। साल 2008 में भी कांग्रेस की बागडोर महंत के हाथ में थी, किंतु दो कार्यकारी साथ में थे। माहौल जोगी के लिए था। यानी जोगी की 10 जनपथ में पैठ को यूं समझा जा सकता है, कि कांग्रेस 10 सालों तक सरकार से बाहर खड़ी रही, लेकिन भरोसा जोगी के प्रति खत्म नहीं हुआ।
अब लेकिन जोगी को भी हाई कमान ने पूरी तरह से एहसास करवा दिया कि आप जो कुछ भी हैं, वह पार्टी के लिए ठीक नहीं है। आपका पूरा परिवार है, तीन सीटें आप अकेले परिवार के बूते जीत सकते हो, कुछ और सीटों पर विधायकों को जितवा सकते हो। किंतु कांग्रेस को एक जुट नहीं कर सकते। ऐसे में अच्छा होगा जोगी जी आप जरा साइड लाइन हो जाइए। चरणदास महंत के स्वागत और सत्कार के बाद स्ट्रेटजी को देखें तो मुमकिन है, कि पार्टी और मजबूत हो।
दूसरा कारण भाजपा की कोई नकारात्मक छवि न होना है, यह बड़ी बात है। किंतु छवियों का क्या, रातों रात बदल जाती हैं। यानी कहने का मतलब भाजपा की राह अब जरा कांटों भरी होने को है। फिर विकास का जो मामला है, वह भी करीब-करीब लोग समझ ही सकते हैं, कि राज्य में इतनी संपदा है कि कोई भी सरकार होती अगर वह काम करने की मंशा रखती है, तो उसको यहां लोकप्रिय बनना कठिन नहीं है। खैर यह देखना होगा कि बीजेपी अपने फेवर में बने गुब्बारी माहौल को पंक्चर होने से कैसे बचाती है।
- सखाजी

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