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neta ji ka gathhbandhan !

Written By Shikha Kaushik on शुक्रवार, 11 मार्च 2011 | 2:05 am


'करूणा' का सागर भी सूखा ;
'राजा' देखो 'मन' से रूठा ,
जितना चाहा उतना लूटा
तब जाकर गठबंधन टूटा .
                                शिखा कौशिक
     http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

neta ji ke usool

Written By Shikha Kaushik on गुरुवार, 10 मार्च 2011 | 12:30 am


भाइयो और बहनों एक बात साफ़ है
हम नेताओं के सात खून माफ़ हैं,
हम जो भी कह दे वही इन्साफ है ,
इसीलिए  हम घोटालों की जांच के खिलाफ हैं .
                                            शिखा कौशिक
                   http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

neta ji ki shadi

Written By Shikha Kaushik on शनिवार, 5 मार्च 2011 | 4:31 pm


नेता जी की शादी है
जनता का बैंड  बजेगा ,
नोटों की माला से दुल्हन
का roop   सजेगा ,

मंडप के स्थान पर
मंच पे होंगें फेरे ,

फिर तारों की छाँव में
उनका भाषण होगा .
[हमाले नेता जी की  छादी में जलूल-जलूल आना ----जनता ]
                                                                                               शिखा कौशिक

neta ji ki sadbhavna

Written By Shikha Kaushik on शुक्रवार, 4 मार्च 2011 | 9:47 am


राजनीति में आकर हर खेल खेल जाते हैं ;
जीत न मिली तो भारी  हार झेल जाते हैं ,
जिनके खिलाफ बोलकर हम वोट मांगते हैं
वो सामने पड़ जाये तो ''सद्भाव '' दिखाते हैं .
                                                               
                                                 शिखा कौशिक
                                     http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

neta ji ki karamaten !

Written By Shikha Kaushik on गुरुवार, 3 मार्च 2011 | 11:39 am



हर चाल मैं चलता हूँ ,चुनाव जीत जाऊं  ;
मैं नोट बांटता हूँ ,मदिरा भी मैं पिलाऊं ;
यूँ हाथ जोड़ता हूँ पर दंगें भी  कराऊँ ;
क्या-क्या हैं करामातें !अब और क्या बताऊँ ?
                                                                  शिखा  कौशिक
                                 http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

नेता जी की परशानी ''म''

Written By Shikha Kaushik on बुधवार, 2 मार्च 2011 | 9:59 am

''म'' से मनमोहन बने ,''म'' से बने महंगाई ,
''म'' से मैडम की चले ,''म'' मुख कही न जाई ,
''म'' से मीडिया भी बने ,मंद-मंद मुस्काई ,
''म'' से हैं मजबूरियां ,''म'' मत पूछो भाई .
[नेता जी की और से ''म'' महाशिवरात्रि की बधाई ]
                                                     शिखा कौशिक
                   http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

c.m. ka daura

Written By Shikha Kaushik on मंगलवार, 1 मार्च 2011 | 10:00 am


सी.एम्.जब प्रदेश की करने निकली सैर ;
अधिकारी थे खौफ में ,मांगे रब से खैर ;
पर जनता को मिल गयी मुंह मांगी सौगात ;
बिजली दर्शन दे रही ,सारे दिन और रात .
                                                     शिखा कौशिक
http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

हमारी भावुकता को भुनाना बंद कीजिये !

Written By Shikha Kaushik on सोमवार, 28 फ़रवरी 2011 | 10:28 am

हमारे जीवन के हर दिन पर आज बाजार की नजर है .नव वर्ष का प्रथम दिन हो या वेलेंटाइन डे ,होली हो या दीपावली ,रक्षाबंधन दशहरा हो या ईद हो या लोहड़ी-क्रिसमस सब दिन बाजार के निशाने पर.मोबाइल कम्पनियां हों या टी.वी.,कार,वाशिंग मशीन की कम्पनियां लोगों को त्यौहार के बहाने लुभाने में कसर नहीं छोडती.हद तो तब हो जाती है जब ये कम्पनियां अपने विज्ञापन कानूनों का उल्लंघन करते हुए विवाह उत्सव पर अपनी वस्तु को खरीदने का खुलेआम प्रचार करती है.देखिये-

ये  कौन नहीं जानता की मोटरसायकिल से लेकर कार तक की डिमांड वर पक्ष वधु पक्ष से करता है और इस डिमांड ने लाखों वधुओं को असमय कालका ग्रास बना डाला .एक ओर जहाँ  सुधि
वर्ग यह मांग करता रहा है कि विवाह आदि उत्सव सादगी के साथ संपन्न किये जाये वहीँ ये कम्पनियां इस पवित्र संस्कार को भी भुनाने में लगी हुई है .
                शैम्पू के विज्ञापन   देखिये - छोटी बच्चियों को बाल बढाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है .विज्ञापन में बच्ची लम्बे बाल खोलकर स्कूल जाती हुई दिखाई जाती है .ऐसे जाते है बच्चे स्कूल ?ऐसे विज्ञापन बच्चों को भ्रमित करते हैं औए माता-पिता के सिर का दर्द बन जाते हैं .
               हमारी भावनाओं का व्यावसायिक लाभ उठाने में चतुर ये कम्पनियां हर उस शख्स को अपना ब्रांड एम्बेसडर बना देती है जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने क्षेत्र में 
नाम कमा लिया हो .अमिताभ बच्चन से लेकर सुशील कुमार तक -

      
एक सिर का तेल ए. सी.  से ज्यादा ठंडक देता है और एक वाशिग पाउडर कपडे को नए से भी ज्यादा चमकदार बना देता है -ऐसे विज्ञापन क्या साबित करते हैं ?ये कम्पनियां आखिर हमे मानसिक तौर पर इतना कमजोर क्यों मानती हैं ?भावुक बनाकर -बेवकूफ बनाकर --इन्हें अपना माल बेचना है चाहे इससे हमारा -हमारे समाज का कितना भी अहित हो !
                              हमे अब इनसे सजग रहना होगा .जब भी कोई विज्ञापन हमारी भावनाओं को भुनाना चाहे -हमे उसका पुरजोर विरोध कर अपना पक्ष रखना ही होगा वर्ना ऐसे विज्ञापनों के लिए तैयार हो जाइये -
                ''माँ की ममता  से मीठी है अपनी घुट्टी ;
             ले लो ये साईकिल करती गाड़ी की छुट्टी ;
             पत्नी से ज्यादा हितकारी कार हमारी ;
            इस टैबलेट से मिट जाएगी हर बीमारी ;
       विज्ञापन ऐसे सबको हैरान करेंगे ,
    विज्ञापन की दुनिया की चलो सैर करेंगे .'' 
        शिखा कौशिक

नेता जी को अफसोस

Written By Shikha Kaushik on रविवार, 27 फ़रवरी 2011 | 10:36 am


महंगाई  डायन करे हम पर अत्याचार ;
जनता देती गालियाँ , घटता जन आधार ;
ब्लोगर खोलें ब्लॉग पर हमरी सारी पोल ;
घोटाले जो थे किये पिट गया उनका ढोल .
          शिखा कौशिक http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

महिला नेत्री का चुनाव प्रचार...

Written By Shikha Kaushik on शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011 | 7:06 am

बिटिया हूँ मैं आपकी लेने आई वोट,
मेरी नीयत साफ है उसमे नहीं है खोट.
सेवा सबकी करूंगी रखूंगी मैं ख्याल,
जनता मेरा मायका और संसद ससुराल.
                                  शिखा कौशिक
http://netajikyakahtehain.blogspot.com/

rajneeti ki pyas

Written By Shikha Kaushik on बुधवार, 23 फ़रवरी 2011 | 10:16 pm



पी.एम्. बनने की मुझे रहती थी बड़ी आस ,
पर जनता ने कर दिया सारा सत्यानाश ,
साथी सब ये कह रहे 'ले लो अब सन्यास '
पर मेरी बुझती   नहीं राजनीति की प्यास .
                    शिखा कौशिक http://netajikyakahtehain.blogspot.com/
                            

neta ji ka andaj !

Written By Shikha Kaushik on मंगलवार, 22 फ़रवरी 2011 | 9:41 pm


नेता जी का अंदाज !

जनता ने बहुमत दिया  ,इसमें है एक राज ,
सुन लेना तुम गौर से ;बतलाता हूँ आज ,
नोट के बदले वोट का ;नहीं मेरा अंदाज ,
मैंने तो बटवाये   थे ; घर-घर  बस कुछ
                   ''प्याज''
                                                   शिखा कौशिक
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sahityakar neta !

Written By Shikha Kaushik on सोमवार, 21 फ़रवरी 2011 | 11:31 pm

संसद में काव्य मंच सजा देंगे ;
हर नेता में काव्य भाव जगा देंगे ;
पक्ष के नेता लिखेंगे काव्य ग्रन्थ   ;
विपक्ष वालों को आलोचक बना देंगे .
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Founder

Founder
Saleem Khan