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ब्लोगर्स डाइरेक्ट्री

Written By तरूण जोशी " नारद" on शनिवार, 31 दिसंबर 2011 | 9:32 am


आगामी नव वर्ष २०१२ की हार्दिक बधाइयां
तरुण जोशी नारद


इस नव वर्ष के अवसर पर मेरी इच्छा हुई की एक ब्लोगर्स डाइरेक्ट्री का प्रकाशन का प्रयास किया जाए.
जिसमे ब्लॉगर का नाम पता फ़ोन नंबर, ब्लॉग पता जीवन परिचय, फोटो प्रकाशित किया जाये, साथ में कुछ विशेष ब्लोगरों के साक्षात्कार के साथ उनकी विशेष कृतियां

इस हेतु आप सभी से अनुरोध है की मेरा सहयोग करें और उक्त जानकारिय मुझे भेजने का कष्ट करें

नाम
पता
टेलीफोन नम्बर
ई मेल पता
ब्लॉग पता

जीवन परिचय
कृतिया


कृपया ये सूचनाये मुझे मेल से  blogger@naradnetwork.in or 
bloggerdirectory@naradnetwork.in पर या मुझे भेजे मेरे पते पर 
तरुण जोशी नारद
पंचायत समिति के पीछे 
केनपुरा रोड 
रानी (पाली) ३०६११५
mobile  8946890812
 
आपके सुझाव भी आमंत्रित है 
कृपया इस पोस्ट को और सुचना को आगे से आगे प्रेषित करते रहे.



Written By तरूण जोशी " नारद" on शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011 | 8:53 am


एक वेबहोस्टिंग और डोमेन रजिस्ट्रार कम्पनी खोलने की तैयारी मैं हूँ.
आप सभी का सहयोग और आशीर्वाद अपेक्षित है
कृपया कोई अच्छा नाम सुझाएँ.
नारद को साथ में लेते हुए...

DELHI TOUR

Written By तरूण जोशी " नारद" on सोमवार, 21 नवंबर 2011 | 9:05 am


दिलवालों की दिल्ली की सैर करने का प्रोग्राम
एक बार फिर से २८.११.२०११ से ०१.१२.२०११ तक दिल्ली में रहूँगा
TARUN JOSHI "NARAD
Mobile no. 8946890812

Life Line

Written By तरूण जोशी " नारद" on शनिवार, 29 अक्टूबर 2011 | 5:40 pm


श्रीलालजी शुक्ल हार्दिक श्रद्धांजलि



हार्दिक श्रद्धांजलि

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Written By तरूण जोशी " नारद" on रविवार, 9 अक्टूबर 2011 | 9:55 am

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बहुचर्चित साहित्यिक स्तम्भ ‘तीसरी आँख’ की पुरस्कार/सम्मान-श्रृंखला:

Written By तरूण जोशी " नारद" on शनिवार, 8 अक्टूबर 2011 | 2:06 pm


बहुचर्चित साहित्यिक स्तम्भ ‘तीसरी आँख’ की पुरस्कार/सम्मान-श्रृंखला:



त्रैमा. ‘अभिनव प्रयास’ (अलीगढ़, उप्र) के-
बहुचर्चित साहित्यिक स्तम्भ तीसरी आँख की पुरस्कार/सम्मान-श्रृंखला:


पुरस्कार क्रमांक-1: ‘श्रीमती सरस्वती सिंह स्मृति: श्रेष्ठ सृजन सम्मान’
                                       (1100/-रुपये + प्रमाण-पत्र)
     
वैदिक क्रांति परिषद की संस्थापिका एवं ‘सरस्वती प्रकाशन’ की प्रेरणास्रोत श्रीमती सरस्वती सिंह जी की पावन स्मृति में निर्धारित उक्त सम्मान साहित्य की किसी भी विधा (गद्य-पद्य) के रचनाकार को देय होगा जिसके लिए प्रविष्‍टियाँ निम्नांकित संलग्नकों के साथ 30 जून 2012 तक सादर आमंत्रित हैं:
1. गद्य-पद्य विधा की तीन फुटकर रचनाएँ (प्रकाशित/अप्रकाशित का बंधन नहीं) मौलिकता प्रमाण-पत्र के साथ।
2. सचित्र परिचय + डाक टिकटयुक्त एक लिफ़ाफ़ा व पता लिखे दो पोस्टकार्ड।

विशेष: इस सम्मान हेतु श्रेष्‍ठ/स्तरीय प्रविष्‍टियों के अभाव की स्थिति में रचनाओं का चयन देशव्यापी पत्र-पत्रिकाओं, इंटरनेट, गद्य/पद्य संग्रहों, आदि में से किया जा सकता है।
        प्रायोजक:                                    परामर्शदाता:                        चयनकर्ता:                                                                             
  डॉ. आनन्दसुमन सिंह                       श्री अशोक ‘अंजुम’              जितेन्द्र ‘जौहर’                                       
(प्र. संपादक ‘सरस्वती सुमन)         (संपादक ‘अभिनव प्रयास’)         (स्तम्भकार: ‘तीसरी आँख’) 
  देहरादून, उत्तराखण्ड.                            अलीगढ़, उ.प्र.                         सोनभद्र, उप्र

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पुरस्कार क्रमांक-2: ‘श्री केशरीलाल आर्य स्मृति गीत/दोहा सम्मान’
                              (5100/-रुपये  + प्रमाण-पत्र)

आर्य समाज-सेवक, स्वाभिमानी राष्‍ट्रभक्त एवं पूर्व स्वतंत्रता सेनानी श्री केशरीलाल आर्य जी की शैक्षिक जागरूकता का सहज अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सन्‌ 1930 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। उनकी पावन स्मृति में स्थापित उपर्युक्त वार्षिक सम्मान वरिष्‍ठ गीतकार/दोहाकार डॉ. देवेन्द्र आर्य की पितृ-भक्ति का प्रतीक है। यह सम्मान राष्‍ट्रीय स्तर पर चुने गये किसी श्रेष्‍ठ कवि/कवयित्री (कोई आयु-बंधन नहीं) को गीत अथवा दोहा-सृजन के लिए देय होगा। इस सम्मान हेतु प्रविष्‍टियाँ निम्नांकित संलग्नकों के साथ 31 मार्च 2012 तक सादर आमंत्रित हैं:

1. मौलिक गीत-संग्रह अथवा दोहा-संग्रह (प्रकाशन-वर्ष का कोई बंधन नहीं) की दो प्रतियाँ।
2. सचित्र परिचय, प्रविष्‍टि-शुल्क रु. 200/- (मनीऑर्डर द्वारा; चेक अस्वीकार्य) + डाक टिकटयुक्त एक लिफ़ाफ़ा व पता लिखे दो पोस्टकार्ड।


     प्रायोजक:                     परामर्शदाता:                                      चयनकर्ता:                                                                             
   डॉ. देवेन्द्र आर्य                डॉ. शिवओम अम्बर                               जितेन्द्र ‘जौहर’                                      
(वरिष्‍ठ साहित्यकार)         (वरिष्‍ठ साहित्यकार)                      (स्तम्भकार: ‘तीसरी आँख’) 
  ग़ाज़ियाबाद, उप्र.                 फ़र्रुख़ाबाद, उ.प्र.                                 सोनभद्र, उ.प्र.
.............................................................................................................




पुरस्कार क्रमांक-3: ‘श्रीमती रत्‍नादेवी स्मृति काव्य-सृजन सम्मान’ 
                                            (5001/- रुपये + प्रमाण-पत्र)
डिप्टी कलेक्टर के रूप में तीन दशक का बेदाग़ सेवाकाल बिताने वाले 74 वर्षीय श्री आमोद तिवारीजी शांत स्वभाव एवं वैदुष्य के धनी हैं। उनकी गहन साहित्य-निष्‍ठा का प्रतीक उपर्युक्त वार्षिक सम्मान उनकी स्वर्गीया धर्मपत्‍नी श्रीमती रत्‍नादेवी जी की पावन स्मृति में स्थापित किया गया है जो कि राष्‍ट्रीय स्तर पर चयनित किसी श्रेष्‍ठ कवि/कवयित्री (युवाओं को विशेष वरीयता, तथापि आयु-बंधन नहीं) को देय होगा। इस सम्मान हेतु प्रविष्‍टियाँ निम्नांकित संलग्नकों के साथ 31 मार्च 2012 तक सादर आमंत्रित हैं: 

1. काव्य की किसी भी विधा (छांदस/अछांदस) के मौलिक प्रकाशित संग्रह (प्रकाशन-वर्ष का कोई बंधन नहीं) की दो प्रतियाँ अथवा मौलिकता प्रमाण-पत्र के साथ अप्रकाशित कृति (पाण्डुलिपि) अथवा न्यूनतम 15 फुटकर कविताएँ।
2. सचित्र परिचय, प्रविष्‍टि-शुल्क रु. 200/- (मनीऑर्डर द्वारा; चेक अस्वीकार्य) + डाक टिकटयुक्त एक लिफ़ाफ़ा व पता लिखे दो पोस्टकार्ड।
 
    प्रायोजक:                              परामर्शदाता:                                चयनकर्ता:                                                                             
श्री आमोद तिवारी          डॉ. रामसनेहीलाल शर्मा ‘यायावर’                  जितेन्द्र ‘जौहर’                                       
(पूर्व डिप्‍टी कलेक्टर)               (वरिष्‍ठ साहित्यकार)                        (स्तम्भकार: ‘तीसरी आँख’) 
   कटनी, म.प्र.                             फ़िरोज़ाबाद, उ.प्र.                               सोनभद्र, उ.प्र.
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विशेष ध्यानार्थ:
1.उपर्युक्त सभी सम्मान/पुरस्कार ‘तीसरी आँख’ द्वारा आयोजित एक भव्य ‘सम्मान-समारोह’ एवं गरिमापूर्ण ‘अखिल भारतीय कवि-सम्मेलन’ में प्रदान किये जायेंगे जिनका विस्तृत समाचार विविध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशनार्थ प्रेषित किया जायेगा। साथ ही, चयनित कवि/कवयित्री की चुनिन्दा रचनाओं को विभिन्न प्रतिष्‍ठित वेबसाइट्‍स/इंटरनेट पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित करने का प्रयास रहेगा। 

2.चयन-प्रक्रिया अत्यन्त पारदर्शी एवं त्रिस्तरीय होगी जिसे परिणामों के साथ घोषित किया जायेगा। कृतियों के निष्पक्ष चयन का आधार-कथन (संक्षिप्‍त समीक्षा के साथ) ‘तीसरी आँख’ में प्रकाशित करने का प्रयास रहेगा। 

3.प्रविष्‍टि-शुल्क का उद्‍देश्य व्यावसायिक नहीं है। इन सम्मानों/पुरस्कारों का मूल उद्‍देश्य श्रेष्‍ठ साहित्य-सृजन को प्रेरित करना है। 

4.प्रशंसकों/शुभचिंतकों द्वारा भेजी गयी अपने प्रिय कवि/कवयित्री की प्रविष्‍टियाँ (वांछित संलग्नकों के साथ) स्वीकार्य हैं।  

5.किसी पाण्डुलिपि के चुने जाने की स्थिति में निर्धारित सम्मान/पुरस्कार उसके प्रकाशनोपरान्त ही प्रदान किया जायेगा।
6.सभी सम्मानों के लिए अलग-अलग प्रविष्‍टियों की छूट उपलब्ध है; लिफ़ाफ़े पर सम्मान/पुरस्कार का नाम एवं क्रमांक स्पष्‍ट रूप से लिखें। संलग्नकों के अभाव में प्रविष्‍टि अमान्य होगी।  

7.प्रायोजकों अथवा परामर्शदाताओं से चयन-प्रक्रिया अथवा निर्णायक-मण्डल आदि से संबंधित अनपेक्षित जानकारी माँगना अयोग्यता माना जायेगा। किसी भी समय नियम-परिवर्तन एवं अंतिम निर्णय-संबधी सर्वाधिकार उपर्युक्त नामांकित मण्डल के पास सुरक्षित हैं। निर्णय-संबधी कोई भी विवाद कदापि स्वीकार्य नहीं होगा। 

8.वांछित संलग्नकों के साथ समस्त प्रविष्‍टियाँ ‘तीसरी आँख’ के निम्नांकित पते पर निर्धारित तिथि से पूर्व भेजें: 

जितेन्द्र ‘जौहर’
(स्तम्भकार ‘तीसरी आँख’) 
आई आर-13/6, रेणुसागर-231218, 
सोनभद्र (उप्र). मोबा. 09450320472
ईमेल: jjauharpoet@gmail.com
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सहयोग की अपेक्षा में

Written By तरूण जोशी " नारद" on सोमवार, 3 अक्टूबर 2011 | 8:58 am


अगर आपको मेरी कविता  पसंद आती हैं तो
like  button  पर क्लिक करके वोट देवे.
प्रतियोगिता में मुझे विजेता बनाने के लिए धन्यवाद
तरुण जोशी "नारद"

मेरी कविताओ का लिंक निम्न है

कविता श्रेणी प्रेम 

कविता श्रेणी भ्रष्टाचार 



Please read the below link,.

Written By तरूण जोशी " नारद" on शुक्रवार, 30 सितंबर 2011 | 9:01 am

कृपया कर मेरी एक पोस्ट जो बिलकुल ही अनछुई रह गई है इसे देखिये.............

http://allindiabloggersassociation.blogspot.com/2011/09/httpwwwnaradnetworkin201109blog.html

रहस्य

Written By तरूण जोशी " नारद" on बुधवार, 28 सितंबर 2011 | 2:21 pm

इन राहों में, चलते चलते,
अचानक,
दूर कहीं से कोई आवाज आई,
सुनो! प्रिय सुनो!
फिर एक अट्टहास 
मैं चकित हो, थोड़ा घबराया,
सूनसान सडक, वीरान राहें,
और पूस की ये रात, 
भयावह समां
ये कौन हैं ?, इस वक्त यहां,
किसने हमें पुकारा,
चांद भी आज उगेगा नही,
राह है अभी काफी लंबी,
केवल इन तारों का है साथ,
मगर इस समां में कौन है ?
इस राह का मेरा ये हमराह
हिम्मत करके मैने पूछ ही लिया, 
कौन, कौन हो तुम, कौन, अरे तुम हो कौन, 
कुछ देर के लिए छा गया मौन,
अब है मेरे साथ,
केवल ये समां,
विरान, सूनसान, शीतकाल
और केवल अंधकार,
कुछ देर बाद
सब कुछ
सामान्य,
तभी फिर से
सुनाई दी
वही आवाज,
वही अट्टहास......
फिर उसने दिया मेरे सवालो का 
जवाब....
मै..... मैं हंु तुम्हारा 
जमीर...
तुम्हारी हर राह में,
हर मंजिल में 
तुम्हारा हमसफर, हमराही....
मैंने कहा...
तुम कुछ बताओ
कि इन राहों 
पर चलते रहे
इसी तरह तो 
क्या मुकां होगा
क्या अंजाम होगा 
मेरे मुल्क का 

जबाब आया 
मैं बसा हूं हर एक के सीने में,
इसलिए मैं बताता हूं सबका हाल
आजकल बहुत बदलाव आ गया हैं।
दिलों में फैल गया है अलगाव
विकसित हो रहा है हिंसा का बाजार...

अब सुनो मेरी बात,
ध्यान से सुनो मुझसे ना डरो
मेरी बात समझो,
इस हिंसा के बाजार का नाश
हमें करना होगा,

इससे पहले हमें 
कुछ काम नया करना होगा,
दिलों में बसे अलगाव को मिटाना होगा।
सभी के दिल में प्यार को बसाना होगा।

Ajeeb

Written By तरूण जोशी " नारद" on रविवार, 25 सितंबर 2011 | 2:01 pm















ना जीने की कोई वजह है  ना है कोई साथ
इस अकेलेपन में कौन थामेगा मेरा हाथ
इन अनजानों के समंदर में हर तरफ लगी है घात
हर मोड़ पर है शिकारी शिकार करने को तैनात

नारद इस जहाँ में हर एक शिकारी है
दिल न लगाना तो जिन्दगी से गद्दारी है
ये गद्दारी जो तुम कर लो तो जिन्दगी तुम्हें देती है सजा
जीते रहो इस जहां में तनहा बस यही है सजा

और जो ना की गद्दारी और इश्क कर दिया
अपनी जिंदगी को किसीके नाम कर दिया
तो फिर इसका एक इनाम मिल गया
इनाम में बेवफा का खिताब मिल गया

नारद इस जहाँ के रंग बड़े निराले हैं
जो दीखते  गोरे है बिम्ब में वो ही काले हैं

असमाप्य ...........

"नारद"

दिल की फरियाद के ख़त

Written By तरूण जोशी " नारद" on शनिवार, 24 सितंबर 2011 | 8:51 am













खून से लिखे थे ख़त वो दिल की फरियाद के
तड़पता था दिल वो मेरा तेरी ही याद में

वस्ल में रही तमन्ना तेरे ही दीदार की
जब हुआ दीदार तो वो घडी थी बहार की

वो बहार भी है रुक गई , वो बयार भी है मिट गयी
इन आँधियों से की है नारद उम्मीद क्यूँ तुने प्यार की

कांटो से उलझ कर घाव ही मिल पता है
बेवजह ही शिराओं से लहू छलक जाता है

इश्क करने की "नारद" यही एक कहानी है

लोग कहते है की इश्क जिंदगानी है
पर माना है मैंने बस यही* एक बेगानी है

*बस जिंदगी ही बेगानी है

"नारद"

मोहब्बत का अंजाम

Written By तरूण जोशी " नारद" on शुक्रवार, 23 सितंबर 2011 | 8:51 am


















जो मैंने चाहा नही वोअंजामहो गया
मेरी तमन्नाओं का ये क्या मुकां हो गया,
मेरी जान  रूह सिमटी थी एक आहट में
और वो आहट बसी थी केवल तेरी ही चाहत में,

चाहके भी तुमको हम पा ना सके
दाग लग गया दामन बचा ना सके,
छींटे जो लग उडे रंग--मोहब्बत के
चाह के भी खुद को हम छिपा ना सके,

जब भीग ही गये तो मजा डूब के लिया
वो मजा भी पूरा हम पा ना सके,

डूबते को तिनके ने सहारा दे दिया
इसी के साथ मुझे उसी ने बेसहारा किया,
ले गया मुझको दूर वो किनारे से
ना डूब में सका ना सुखने दिया,

तुम जो सोचो कि नारद तिनके का कद्रदान हैं
ये ना सोचो कि तिनके में मुझे ख्वाबगाह मिला,
सच है कि तिनका मेरा कब्रगाह है बना

ये कहानी बयां कर रहा हुँ आज मैं बेटू
ये समझना ना कि बेवफ़ा था स्वीटू

मैं तुमसे दूर होके अकेला हूं अधूरा हूँ,
तुमसे ही मैं पूरा हूँ
बस जिन्दगी में तेरी ही ख्वाईश रखी
तेरे सिवा अब ना कोई ख्वाईश रही,

तेरी नफरत के आगे मेरी आस टूट गई,
तेरी नफरत के आगे मेरी आस टूट गई,
यादों में जी रहा हूँ , मेरी सांस छूट गई!


"नारद"

अन्ना हजारे के साथ क्या क्या कर सकती है सरकार

Written By तरूण जोशी " नारद" on गुरुवार, 25 अगस्त 2011 | 1:58 pm





ये निर्दयी सरकार अन्ना हजारे को भी बाबा रामदेव की तरह उठवा लेगी और टीम अन्ना के सदस्यों को कर लेगी गिरफ्तार
पता नहीं ऐसा विचार मुझे  बार बार क्यूँ आ रहा है

देखा आपने कल के सर्वदलीय बैठक का कवरेज
कैसे ये निकम्मे निर्लज्ज नेता सूखे मेवों का भोज उड़ा रहे  थे.

Founder

Founder
Saleem Khan