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निम्बू की रचना

Written By Hema Nimbekar on गुरुवार, 10 मार्च 2011 | 12:38 pm

जब भगवान् ने मिठास और कड़वे स्वाद बना दिए,
उन का निरक्षण कर पृथ्वी में फैला दिए.

शायद उन्होंने सोचा होगा कुछ कमी है अभी,
जब शिव सोच में पड़ गए इन्द्र भी विचार रहे थे तभी.
विष्णु ने सोचा क्यों न कुछ किया जाए,
सब के मुख पर आश्चर्य का भावः लाया जाए.

देव ऋषि ले चले संदेश ब्रह्मा के पास,
ब्रह्मा को भी अपनी शक्ति की सिधता का हुआ एहसास.
बहुत सोचा गया, बहुत विचार गया.

सभी विध्व्जनो ने लगे अपनी अपनी प्राग्य और ताकत,
विनम्रता से बोली "नवरत्न" अप्सरा आ कर.
क्यों न सभी स्वादों को मिलाया जाए,
एक नए स्वाद की रचना की जाए.

सबको आया विचार पसंद,
सभी प्रफुलित हो गए देवगण.
मिठास, कड़वाहट, तीखा, फिक्का,
सभी स्वादों मिलाये गए बनाया गया एक नया स्वाद,
तब सब ने नाम विचार, विचार कर रखा गया खट्टा स्वाद.


यही है दास्तान खट्टेपन की,
यही है कहानी निम्बू की रचना की.


~'~hn~'~
(Written in 6-8 Std I dont actually remember)

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