नियम व निति निर्देशिका::: AIBA के सदस्यगण से यह आशा की जाती है कि वह निम्नलिखित नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और यह अनुपालित न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से AIBA की सदस्यता से निलम्बित किया जा सकता है: *कोई भी सदस्य अपनी पोस्ट/लेख को केवल ड्राफ्ट में ही सेव करेगा/करेगी. *पोस्ट/लेख को किसी भी दशा में पब्लिश नहीं करेगा/करेगी. इन दो नियमों का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. द्वारा:- ADMIN, AIBA

Home » » मंज़िल पास आएगी.

मंज़िल पास आएगी.

Written By Shalini Kaushik on शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012 | 8:03 pm


मिशन लन्दन ओलम्पिक हॉकी गोल्ड 
फेसबुक पर  लाइक करें 


हौसले कर बुलंद अपने ,मंज़िल पास आएगी,
जोश भर ले दिल में अपने मंज़िल पास आएगी.

तक रहा है बैठकर क्यों भागती परछाइयाँ ,
उठ ज़रा बढ़ ले तू आगे मंज़िल पास आएगी.

दूसरों का देखकर मुंह न पायेगा फ़तेह कभी ,
रख ज़रा विश्वास खुद पर मंज़िल पास आएगी.

भूल से भी मत समझना खुद को तू सबसे बड़ा,
सर झुका मेहनत के आगे मंज़िल पास आएगी.

गर नशा करना है तुझको चूर हो जा काम में ,
लक्ष्य का पीछा करे तो मंज़िल पास आएगी.

''शालिनी'' कहती है तुझको मान जीवन को चुनौती ,
बिन डरे अपना ले इसको मंज़िल पास आएगी.

                              शालिनी कौशिक 
                                    [कौशल ]

Share this article :

2 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for your valuable comment.