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तात्कालिक रूप से चाहे यह देश ,,छद्म राष्ट्रभक्तों , ओरिजनल राष्ट्रभक्तों में बंट गया हो

Written By आपका अख्तर खान अकेला on रविवार, 26 मई 2019 | 6:42 am

तात्कालिक रूप से चाहे यह देश ,,छद्म राष्ट्रभक्तों , ओरिजनल राष्ट्रभक्तों में बंट गया हो ,,लेकिन मुझे गर्व है ,मेरे इस भारत महान पर ,भारतियों की महानता पर ,,वोह इस खाई को पाट कर बहुत जल्द नक़ली राष्ट्रभक्तों को फिर से ओरिजनल राष्ट्रभक्त बना ,,देंगे सत्ताये आना ,जाना अलग बात है सत्ता के लिए ,सियासत में किया गिरावट आयी है ,,यह आपने भी देखा है ,मेने भी देखा है ,लेकिन एक ओरिजनल हिन्दुस्तान एक प्यार ,मोहब्बत ,भाईचारा ,सद्भावना वाला हिंदुस्तान ,एक दूसरे को मोहब्ब्बत से गले लगाने वाला हिंदुस्तान ,,छद्म लोकतंत्र से अलग हठ कर एक दूसरे को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देने वाला ओरिजनल हिन्दुस्तान को मेरा सलाम ,मेरा सेल्यूट ,इस जज़्बे ने निराशावाद को खत्म कर आशावाद को बढ़ावा दिया है ,विश्व पटल पर हिदुस्तान मज़बूत से भी मज़बूत आदर्श देश होगा ,इस हक़ीक़त की तरफ एक विचार को ज़िंदा किया है ,दोस्तों आपने मेने ,सभी ने इन पांच सालों में प्यार भी देखा है ,,मोहब्बत भी देखी है ,,लेकिन इस देश में हमेशा अपराध पर इन्साफ ही भारी पढ़ा यही ,,नफरत पर मोहब्बत ने ही जीत हांसिल की है ,,यही वजह है के नफरत की लेखनी लिखने वाले ,,नफरत की भाषा में बेहूदा टिप्पणीकार तन्खा पर काम करने वाले मेरे कई साथी भी बदलकर मेरे साथ मोहब्बत के पैगाम में जुड़ गए है ,कुछ है जो अभी बदले नहीं ,लेकिन अंदर से अंर्तात्मा से वोह मोहब्बत का पैगाम ही इस देश का असली पैगाम है यह कड़वा समझते है ,महसूस करते है ,इंशा अल्लाह मेरी कोशिश जारी है वोह एक दिन ज़रूर बदल कर मोहब्बत के पैगाम के साथ सुर में सुर मिलाएंगे ,,नहीं भी मिलाये तो में उन्हें मोहब्बत के पैगाम की तरफ उनका रुख बदलने की कोशिशों में जुटा रहूँगा ,दोस्तों पिछले दिनों की कुछ घटनाये ऐसी ,हुई ,के भारत के डी ऍन ऐ में जो लोग हिन्दु मुस्लिम की नफरत भरना चाहते थे ,उन्ही लोगों की इन घटंनाओं से आँखे खुली और वोह मोहब्बत का पैगाम ही असली पैगाम ,न हिन्दू न मुसलमान के नारे के साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे ,,,एक घटना ,एक ऑटो चालक रोज़ेदार ने हिन्दू बहन सवारी को बिठाया ,उसका डेढ़ लाख रूपये से भरा बेग ऑटो में ही छूट गया ,,हिन्दू बहन तिनका तिनका जोड़कर जमा इस राशि को पागलों की तरह से तलाशती रही ,लेकिन अचानक एक टोपी पहने रोज़ेदार ,ऑटो से उतरता है ,दीदी यह आपका बेग ,चेक कर लीजिये सामान तो पूरा है ,दीदी नॉट चेक करती है पुरे गिनती है ,,अपनी मेहनत की कमाई इस कलियुग में वापस लौटाए जाने वाले का धर्म देखे बगैर उसे सीने से लगाकर आशीर्वाद देती है ,माला पहना कर इस्तक़बाल करती है ,एक बढ़ी बहन बहकर बेशुमार खुशियों की दुआएं देती है ,एक आसाम की कर्फ्यू घटना ,,एक महिला प्रसव पीढ़ा से ग्रसित उसकी जान पर बन रही है ,सभी हिन्दू समाज के लोग ,फसादात ,हिंसा ,कर्फ्यू के हालात में खामोश है ,बेबस है ,लेकिन एक मुस्लिम रोज़ेदार अचानक ऑटो निकालता है ,हिन्दू बहन को बिठाता है ,हिंसा भरे माहौल में पुलिस कर्फ्यू को तोड़ते हुए उस महिला को लेकर सीधे अस्पताल भागता है ,भीड़ के हमले से उसे बचाकर अस्पताल ले जाता है ,और वोह हिन्दू बहन उसका परिवार इस कमालुद्दीन को गले लगाकर भाईजान आपका शुक्रिया कहकर इस मेरे भारत को महान बना देते है ,,एक मुस्लिम समाज नमाज़ पढ़ना चाहता है ,नमाज़ के लिए जगह नहीं है ,,लेकिन मेरे हिन्दू भाई अपने घरों में ,अपने मंदिर के अहाते में ,इबादत ,इबादत में कोई फ़र्क़ नहीं का नारा बुलंद कर ,मुस्लिम भाइयों को नमाज़ पढ़वाते है ,,यह कोई छोटी बढ़ी घटनाये नहीं है ,मेरे इस देश में ऐसे प्यार मोहब्बत ,मदद के क़िस्से रोज़ हज़ारों हज़ार होते है ,हिन्दू भाई मुस्लिम बहनों की रक्षा करते है ,तो मुस्लिम भाई हिन्दू बहनों के भाई का पूरा धर्म निभाते है ,,एक दूसरे के त्योहारों में ,सुख दुःख में रोज़ शामिल होकर नफरत बाज़ों के मुंह पर रोज़ करारा तमाचा जड़ते है ,दोस्तों मेने ऑटो चालक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वाइरल की ,हज़ारों हज़ार लोगों ने लाइक किया ,एक हज़ार के लगभग लोगों ने इसे शेयर किया ,हज़ार के लगभग लोगों ने तरह तरह के मोहब्बत के पैगाम की शाबाशी वाली टिप्पणियां की ,,कुछ नफरतबाज़ जो दिल से नहीं सिर्फ वेतन के लिए काम करते है ,किसी भी ट्वीट को पकड़कर उसके खिलाफ उन्हें सिर्फ अमर्यादित टिप्पणी करने के लिए रुपया मिलता है ,वोह बेचारे अलबत्ता उनके नियोक्ता के कारण टिपणी नहीं कर सके लेकिन मुझे यक़ीन है मेरे वोह भाई भी ऐसा ही हिंदुस्तान चाहते है इस घटना पर वोह भी दिल से टिप्पणी करना चाहते थे ,लेकिन मजबूरीवश उन्होंने ऐसा नहीं किया ,फिर भी उनके अंदर के जज़्बे को में पहचान सकता हूँ वोह जब भी तनख्वाह की टिप्पणी का लालच मोहभंग करेंगे ,इंशा अल्लाह अपने मोहब्बत के पैगाम के सुर में सुर मिलाकर बात करेंगे ,राजनैतिक टिप्पणियों का जवाब नफरत से देना ऐसे सभी लोगों का फ़र्ज़ हो सकता है ,,लेकिन मोहब्बत के पैगाम को तो स्वीकार करना ही चाहिए बिना किसी टिका टिप्पणी के और अगर फिर भी कोई चाहे में रहूँ ,या कोई और तो वोह फिर खुद का ,कांग्रेस का ,भाजपा का किसी भी सियासी दल का ,हिन्दू ,,या मुसलमान ,या किसी भी धर्म का तो क्या भारतीय भी नहीं हो सकता ,,तो जनाब प्लीज़ मान जाइये ना ,,मान जाइये ना ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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