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महंगाई डायन को भगाने का एक अचूक नुस्खा !

Written By Swarajya karun on मंगलवार, 15 नवंबर 2011 | 10:50 pm

  हममें से हर मध्यम और निम्न मध्यम आमदनी वाला परिवार आज महंगाई डायन के आतंक से परेशान और भयभीत है .लेकिन हम अगर डरने के बजाय यह आवाज उठाएं कि  प्रत्येक पैक्ड वस्तु पर  विक्रय मूल्य के साथ उसका लागत मूल्य छापना भी अनिवार्य कर दिया जाए,और अगर हमारे आवाज़ बुलंद करने पर ऐसा हो जाए , तो मेरा दावा है कि महंगाई का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाएगा . पूछो भला कैसे ? दरअसल हम लोग बाज़ार से जितनी भी पैक्ड चीजें खरीदते हैं , उन पर लिखे हुए विक्रय मूल्य को देख कर कीमत का भुगतान करते हैं . यह स्वाभाविक भी है ,लेकिन कभी हमें यह जानने की इच्छा नहीं होती कि हमने जो सामान खरीदा है , उसे बनाने में लागत कितनी आयी है . अगर हमें यह मालूम हो जाए ,तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उत्पादन लागत और विक्रय मूल्य के बीच कितनी गहरी खाई है .  फैक्टरी में जिस सामान के बनने में दस रूपए की लागत आती है, बाज़ार में पहुँचते-पहुँचते उसकी कीमत कैसे कई गुना ज्यादा हो जाती है . टूथ पेस्ट से लेकर ट्रेक्टर तक , वाशिंग पावडर से लेकर वाशिंग मशीन तक , विक्रय मूल्य तो किसी भी सामान पर कुछ भी प्रिंट कर दिया जाता है ,जबकि लागत मूल्य रहस्य के  आवरण में जान-बूझकर छुपाया जाता है .महंगाई और मुनाफे का असली रहस्य लागत मूल्य में छुपा हुआ है . जीवन रक्षक दवाइयों की कीमतें आसमान छू रही हैं .  उत्पादक के अलावा कोई नहीं जानता कि उन्हें बनाने में कितनी लागत आयी है ? लागत मूल्य को गोपनीय रखकर करोड़ों ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा है . हमें मांग करनी चाहिए कि पारदर्शिता के इस युग में वस्तुओं के विक्रय मूल्य के साथ लागत मूल्य प्रिंट करने का क़ानून बनाया जाए ,इसके अंतर्गत वस्तुओं पर कीमत के साथ लागत राशि का उल्लेख नहीं करने वाले उत्पादकों को दण्डित करने का प्रावधान किया जाए. यदि ऐसा हो जाए तो कोई भी उत्पादक अपने उत्पादन पर मनमाना विक्रय मूल्य  छापने का उत्पात नहीं कर पाएगा .उसे लागत और विक्रय मूल्य के बीच अंतर कम करने को मजबूर होना पड़ेगा . अगर यह अंतर कम हो जाए ,तो महंगाई अपने आप कम होने लगेगी . महंगाई डायन को भगाने का यह एक अचूक नुस्खा हो सकता है . एक बार प्रयोग करके देख लेने में भला क्या हर्ज है ?  इस बारे में आपके क्या विचार हैं   ?                                                                                            स्वराज्य करुण

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1 टिप्पणियाँ:

मनोज बिजनौरी ने कहा…

सुन्दर रचना !!
मेरे ब्लॉग पर आने के लिए
manojbijnori12 .blogspot .कॉम

अगर पोस्ट सही लगे तो फोलोवर बनकर हमको मार्गदर्शित करे और हमारा उत्साह बढाए .

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