नियम व निति निर्देशिका::: AIBA के सदस्यगण से यह आशा की जाती है कि वह निम्नलिखित नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और यह अनुपालित न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से AIBA की सदस्यता से निलम्बित किया जा सकता है: *कोई भी सदस्य अपनी पोस्ट/लेख को केवल ड्राफ्ट में ही सेव करेगा/करेगी. *पोस्ट/लेख को किसी भी दशा में पब्लिश नहीं करेगा/करेगी. इन दो नियमों का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. द्वारा:- ADMIN, AIBA

Home » , , » एक साधक

एक साधक

Written By Neeraj Dwivedi on सोमवार, 21 नवंबर 2011 | 10:03 pm



आज कोई साधक है मगन,
शायद बन रही है एक धुन।

खुद में मस्त हैअनजान है,
रचता काव्य का अभियान है,
मेरा झट से जा पहुँचा है मन,
उसके साथ है अविचल लगन॥

साथ ही दिखता बडा सानन्द है,
शायद सृष्टि का आनन्द है,
स्थान सुन्दर पर है निर्जन,
न जाने हो रहा है किसका वर्णन?

चाहता है शान्ति का ... एक साधक (Complete)
You may like: 
Share this article :

1 टिप्पणियाँ:

***Punam*** ने कहा…

खुद में मस्त है, अनजान है,
रचता काव्य का अभियान है,

bina anjaan aur mast hue kaavy rachna nahin hoti...!

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for your valuable comment.