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Written By Shalini Kaushik on बुधवार, 9 फ़रवरी 2011 | 1:45 am

चेन ने लूटा चैन !

भारतीय नारी का जीवन अनेकों बंधनों से बंधा है.उन्ही बंधनों में से एक बंधन है सोने से जुड़ा उसके सुहाग का जीवन .मंगलसूत्र का सोने का होना नारी का सुहाग बचाता है भले ही उस मंगलसूत्र को बचाने में कोई भी हादसा घट जाये.आये दिन महिलाओं की सोने की चैन लुट रही हैं लेकिन चैन पहनने वाली महिलाओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है.भला सोने की चैन ही अगर सुहाग की रक्षा करती है तो उन महिलाओं के सुहाग की रक्षा कैसे होती है जिनके पति पर उन्हें सोने की चैन पहनाने के पैसे नहीं.इन अंधविश्वासों से भारतीये नारी जितनी जल्दी अपने को दूर हटा लेगी उतनी ही जल्दी विकास की राह  पर आगे बढ़ सकेगी.
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2 टिप्पणियाँ:

शिखा कौशिक ने कहा…

bahut sahi kaha.

Dr. shyam gupta ने कहा…

--मेरे विचार में मन्गल-सूत्र सोने का होना निश्चितन-आवश्यक नहीं है......
---लुटने के डर से क्या ट्रेन मे सफ़र करना बन्द कर देते हैं--

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