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इलाज के नाम पर किड़नी निकालने का आरोप

Written By Akhtar khan Akela on मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011 | 8:43 am

Monday, February 7, 2011

कोटा के एक निजी चिकित्सालय पारिक अस्पताल में बारां के एक व्यक्ति जफर मोहम्मद ने भर्ती के दोरान उसकी किडनी निकाल लेने का आरोप लगाया हे जनकी चिकित्सकों ने इसे मरीज़ की मर्जी से निकलना बताया हे ।
बारां का जफर मोहम्मद गुर्दे में दर्द के कारण कोटा में बसंत विहार स्थित इस चिकित्सालय में भर्ती हुआ जहां भर्ती के बाद मरीज़ के गुर्दे में गीतां होना बताया गया इलाज चला ओर फिर मरीज़ ठीक होकर बारां चला गया कुछ दिनों बाद फिर उसके गुर्दे में दर्द हुआ उसने दुसरे चिकित्सक को दिखाया मरीज़ की सोनोग्राफी की गयी तो पता चला के उसका एक गुर्दा ही गायब हे इस मामले में जफर मोहम्मद ने एक लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक कोटा को दी हे के इलाज के दोरान उसकी बिना अनुमति के उसका गुर्दा निकाल दिया गया हे बस इसी बात को लेकर कल डोक्टर भी नाराज़ हो गये उन्होंने इस मामले में कोई भी कानूनी कार्यवाही करने पर सरकार से निपटने की धमकी दी हे पारिक चिकित्सालय के डोक्टर एस ऍन पारिक का कहना हे के मरीज़ उनके यहाँ भर्ती जरुर हुआ था लेकिन उसके गुर्दे में गिठान होने से उसकी सहमती से उसकी जान की रक्षा के लियें यह गुर्दा निकला गया था जिसकी उसे पूरी जानकारी हे लेकिन ६ माह बाद अब वोह ब्लेकमेल कर रहा हे सच क्या हे वोह तो जनच में सामने आ जाएगा लेकिन डोक्टर एस ऍन परिक पर लगे इन आरोपों पर लोगों को विशवास इसलियें नहीं हो रहा हे क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में रूपये से अधिक चिकित्सा व्यवसाय को सेवा का रूप देकर बुलंदियों पर पहुँचाने का प्रयास किया हे इसलियें देखते हें सच क्या निकलता हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजथान

मजिस्ट्रेट दहेज़ नहीं लेने संकल्प भरेंगे

राजस्थान में नये हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने हाल ही में एक आदेश निकला हे जिसमें सभी नये अविवाहित मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया हे के वोह विवाह के दोरान दहेज़ नहीं लेंगे इस बाबत अपना संकल्प पत्र यानि घोषणा पत्र जमा कराएं ।
पिछले दिनों मध्य प्रदेश में एक घोड़ी पर सवार मजिस्ट्रेट साहब ने दहेज़ की माग को लेकर काफी हंगामा किया और फिर पकड़े जाने पर उनेहं नोकरी से हाथ धोना पढ़ा वेसे राजस्थान में कर्मचारियों और अधिकारीयों के लियें पहले से ही कानून बना हे के वोह दहेज़ नहीं लेंगे और इसीलियें राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश ऐ के मिश्रा ने यह आदेश जारी किये हें , राजस्थान के मुख्य न्यायधीश अधिन्ष्ठ न्यायालयों में व्याप्त अनियमितताएं रोकने के प्रयासों में भी जुटे हे इस मामले में वोह रजिस्ट्रार विजिलेंस के माध्यम से शीघ्र ही न्यायालयों में आकस्मिक स्टिंग ओपरेशन करवाने के मुड में हें और अचानक किसी भी जिले में न्यायालयों में आम आदमी की तरह जाकर न्यायालयों की कार्यवाहियों का निरिक्षण के प्रयास सम्भव हे , कल कोटा में पूर्व जज डोक्टर धर्म सिंह मीना और मजिस्ट्रेट रितुमिना सहित कई न्यायिक अधिकारीयों के मामले में विजिलेंस रजिस्ट्रार ने कोटा पहुंच कर बयान रिकोर्ड करवाए और जांच के दोरान आवश्यक पत्रावलियां और उनकी फोटो कोपी प्राप्त की । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

नगर विकास न्यास कोटा ने पचास लोगों को बेघर किया

नगर विकास न्यास कोटा ने कल अनन्तपुरा झालावाड रोड पर ५० से भी अधिक परिवारों को पक्के मकानों में से हटा कर मकानों को ध्वस्त कर दिया नगर विकास न्यास की इस कार्यवाही में इन परिवारों का करीब पांच करोड़ रूपये का सीधा नुकसान हुआ हे न्यास इस भूमि पर थाना बनाना चाहता हे ।
अनंत पूरा में इस बस्ती को बसे हुए करीब दस वर्ष हो गये और दस वर्षो में यहा महंगे आधुनिक सुविधा युक्त पक्के मकान बनाये जाते रहे दस वर्षों तक तो यहाँ नगर विकास न्यास इस निर्माण को देख कर खामोश रही निर्माण होते वक्त अतिक्रमियों को खदेड़ा नहीं गया और फिर जब यह निर्माण पूरा हो गया वहन नल बिजली के कनेक्शन हो गये और लोग पूर्ण रूप से स्थापित हो गये तब अचानक आधी रात को इस बस्ती पर नगर विकास न्यास का कहर शर्मनाक ही कहा जा सकता हे जब बस्ती बनी बस्ती बसी तब भी इसी पार्टी कोंग्रेस की सरकार थी तब भी आर दी मीना न्यास के सचिव थे लेकिन तब और अब में जनता को रोंदने का यह कानून केसे बदल गया अब अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन ने राथोड़ी कर कई दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल में दल दिया हे महिलाएं हें के वोह बस अपने आशियाने उजड़ने पर आंसू बहा रही हे कुछ बच्चे हें के उनके आंसू सुख ही नहीं रहे हें ................. । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

सांसदों की तरह में भी भ्रष्ट तो क्या हुआ .. ?

जी हाँ दोस्तों चोरी और सीना जोरी एक तो दागी होने पर दूसरों को दागी साबित करने वाली संस्था केन्द्रीय सुचना आयुक्त के पद पर धोखे से नियुक्त हुए और फिर अब पोल खुलने पर कहते हें के संसद भी तो भ्रष्ट होते हें फिर में क्यूँ इस पद पर नहीं रह सकता ।
केन्द्रीय सुचना आयुक्त पी जे थोमस देश भर में भ्रष्ट लोगों की जांच कर उन्हें दागी साबित करने का काम कर रहे हें लेकिन जब खुद चोर हो तो खुद किसी और को केसे चोर साबित कर सकता हे कहते हें के किसी को चोर कहने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांकना चाहिए बस थोमस ने लगातार लग रहे आरोप और सुप्रीम कोर्ट के शिकंजे के बाद खुद के गिरेबान में झाँकने की जगह सांसदों के गिरेबान में झाँका और कहा के जब जब सांस भी भर्स्ट होते हें तो फिर में इन आरोपों के साथ पद पर क्यूँ नहीं रह सकता यह बेशर्मी वाला कथन थोमस ने कहीं किसी मंच या अचोपाल पर नहीं दिया हे यह ठोक के डंके की चोट पर बेशर्मी वाली बात तो थोमस ने देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में कही हे अब देख लो जब भ्रष्टाचार मामलें में येदियुरप्पा से थोमस टक चोरी और सीना जोरी का यह आलम हे तो फिर इस देश का क्या होगा ऐसे लोगों को भी सह कर जब यह देश खड़ा हे तो फिर तो मेरा देश महान ही हुआ ना .......... । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मोम का तेरा बुत ...

मोम का
तेरा
और तेरी
यादों का
बुत बनाकर
तेज़ धुप में
में
तुझे
पाने के
लियें
क्या बेठा
एक सूरज की धुप
ने तुझे
पिघला दिया
अब बता
इतनी कमजोर
तू मेरी
केसे
हो सकेगी ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

में चला में चला ....

उसने
जो फेरी
नज़रें मुझ से
नजरें झुकाए
में ऐसे चला
आवाज़ दी उन्होंने
तो भी
में
ना सुन सका
ना पलट कर
उन्हें
फिर से
देख सका
बस इसीलियें
आज भी में
अकेला सिर्फ अकेला हूँ ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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