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पुरुष “पिता” - पाले -भर नेह

Written By Surendra shukla" Bhramar"5 on रविवार, 19 जून 2011 | 4:56 pm




जीवन रथ के दो पहिये का 
बड़ा सुहाना अदभुत मेल 
एक अगर जो नहीं मिला तो 
बिगड़े जीवन का सब खेल !!
नारी प्यारी माँ अपनी तो
पुरुष पिता- पाले -भर नेह !!

मेहनत कर थक दिन भी आये  
पहले शिशु को गले लगाये
चूमे उछले गोदी भर ले
भूख प्यास को रहे भुलाये !!

दृष्टि सदा कोमल शिशु रख वो
न्योछावर हो बलि बलि जाये
भटके खुद काँटों के पथ पर
फूल के पलना उसे झुलाये !!

कोशिश उसकी पल पल जीवन
कोई कमी नहीं रह जाये
उसके अगर अधूरे सपने
देखे खुद को शिशु में अपने
संबल -संसाधन सब ला दे
सपने अपने सच कर जाये !!

शिक्षक है वो रक्षक है वो
पालक भाग्य विधाता है वो
ईश रूप है सब ला देता
भटकी नैया तट ला देता
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नाज हमें भी पूज्य पिता पर  

जिसने हमको गुणी बनाया |  

अनुशासन में पाला हमको, 

निज संस्कृति को हमें सिखाया|| 
शुद्ध आचरण सु-विचार से
निष्कलंक रहना सिखलाया !!

सत्य अहिंसा दे ईमान धन
ऊँगली थामे खड़ा किया !
रोज -रोज सींचे पौधे से
मुझको इतना बड़ा किया !!
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अभिलाषा है प्रभु बस इतनी
मुन्ना”- उनका बना रहूँ !
वरद हस्त सिर पर हो उनका
चरणों उनके पड़ा रहूँ !!
उनकी कभी अवज्ञा न हो
आज्ञाकारी बना रहूँ !!
पिता और संतान का रिश्ता
पावन प्रतिदिन हो जाए
नहीं अभागा कोई जग में
पिता से वंचित हो जाये
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पिता की महिमा जग जाहिर है
शोभे उपमा जहाँ लगा दो !
परम पिता परमेश्वर जग के
राष्ट्र पिता चाहे तुम कह लो !!
बूढ़े पीड़ित भटक रहे जो
पिता समान अगर तुम कह दो
लो आशीष दुआ तुम जी भर
जीवन अपना धन्य बना लो !!
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शुक्ल भ्रमर५
१९.६.२०११ जल पी बी 
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7 टिप्पणियाँ:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी रचना बहुत अच्छी लगी।
--
पितृ-दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
--

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी रचना बहुत अच्छी लगी।
--
पितृ-दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
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Bhushan ने कहा…

पितृ दिवस पर प्रस्तुत आपकी रचना अच्छी लगी. शुभकामनाएँ.

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

डॉ रूप चन्द्र शास्त्री जी नमस्कार पिता जो हमारे देव तुल्य पूज्य हैं उनको समर्पित थी ये रचना -आप को पिता पुत्र के रिश्ते बनाती ये रचना सुन्दर लगी सुन हर्ष हुआ काश सब पुत्र अपने पिता को अंत तक अपने सर आँखों पर सजाये रहें -
धन्यवाद
शुक्ल भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

भूषण जी नमस्कार हर बेटा बाप को पूज्य मान उसके प्रति समर्पित रहे प्रभु से यही प्रार्थना है -आप को भी ढेर सारी खुशियाँ हासिल हों
शुक्ल भ्रमर ५

prerna argal ने कहा…

aaj fader's day per pita ko samarpit bahut bhavmai ,sikshaprad,dil ko choonewaali rachanaa.fader"s day per bahu bahut shubkamnayen.aapka putra prem isi tarah apne pita ke liye banaa rahe yahi kamanaa hai.itani achchi rachanaa ke liye badhaai.


please visit my blog.thanks

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

सम्माननीया प्रेरणा अर्गल जी -नमस्कार
शुभ कामनाओं के लिए धन्यवाद -आप को भी पितृ दिवस पर ढेर सारी शुभ कामनाएं अपने पिता के प्रति सब समर्पित रहें उनका प्यार जब तक संभव हो अपने जीवन में हम सब पायें -उन्हें उच्च दर्जा दें परिवार में और मन में भी -बहुत सुन्दर प्रतिक्रिया आप की
साधुवाद
शुक्ल भ्रमर ५

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