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कविता ----- दिलबाग विर्क

Written By Dilbag Virk on शुक्रवार, 24 जून 2011 | 1:11 pm


                       महत्वाकांक्षा                   

                      भाग - 1
                      भाग - 2
                      भाग - 3
                      भाग - 4

                        * * * * *
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2 टिप्पणियाँ:

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (25.06.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

महत्वाकांक्षा...पूरी कविता सोच को नई दिशा देने वाली महत्पूर्ण कविता है.

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