नियम व निति निर्देशिका::: AIBA के सदस्यगण से यह आशा की जाती है कि वह निम्नलिखित नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और यह अनुपालित न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से AIBA की सदस्यता से निलम्बित किया जा सकता है: *कोई भी सदस्य अपनी पोस्ट/लेख को केवल ड्राफ्ट में ही सेव करेगा/करेगी. *पोस्ट/लेख को किसी भी दशा में पब्लिश नहीं करेगा/करेगी. इन दो नियमों का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. द्वारा:- ADMIN, AIBA

Home » »

Written By आपका अख्तर खान अकेला on शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011 | 4:45 pm

क्या मिला ...

Wednesday, February 2, 2011


क्या मिला

मजनू
तुझे
लेला के
प्यार में ,
क्या मिला

फरहाद
तुझे
शीरीं के
प्यार में
में बताऊं
मुझे
सब कुछ मिला
मेरे
इस
ज़ालिम दिल बर
से
हुई तकरार में
आज
देख लो
तुम्हारा तो
सिर्फ
नाम हे
तुम्हारा तो सिर्फ
इतिहास हे
लेकिन
सुखी तो
सिर्फ
में ही हूँ
उसके साथ
आज
इस संसार में ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

Share this article :

1 टिप्पणियाँ:

shyam gupta ने कहा…

---यह सुख तो क्षणिक है नश्वर....मज़नूं तो सदा सदा के लिये अमर है...
---पर इस एक क्षण के जीवन के लिये हज़ारों अमरत्व कुर्वान...

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for your valuable comment.