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एक अपील

Written By vandana gupta on मंगलवार, 1 मार्च 2011 | 12:22 pm


दोस्तों,

मैं सलीम खान जी की हार्दिक आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे AIBA के अध्यक्ष पद के काबिल समझा और इतनी गरिमा प्रदान की जिसके मैं काबिल नहीं ...............आप सबकी तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ कि आप सबने मुझे इतना प्यार , सम्मान और स्नेह दिया और मुझे ये पद दिए जाने पर दिल से स्वागत किया .

एक नयी पहल का सम्मान करना सबका फ़र्ज़ बनता है और सबने अपना फ़र्ज़ बखूबी निभाया मगर मुझे नहीं लगता कि ये कोई इतना बड़ा कदम है कि इसे किसी भी तरह का मुद्दा बनाया जाये ........मैं पहले भी कह चुकी हूँ कि ब्लॉगजगत में बंटवारा नहीं होना चाहिए .........खासतौर पर स्त्री पुरुष सन्दर्भ में ............मैंने तो आज तक यही देखा कि यहाँ चाहे स्त्री हो या पुरुष दोनों को बराबर सम्मान दिया गया और सभी ने अपनी गरिमा के अनुरूप काम किया अब सिर्फ ये सोचना कि स्त्री को मान देकर या पद देकर बहुत बड़ा काम कर लिया तो ये गलत बात है .........हर काम स्त्री और पुरुष दोनों के सहयोग से ही  संभव है और हम यहाँ कोई स्त्री पुरुष में भेदभाव के लिए इकट्ठे नहीं हुए हैं ..........हमारा कर्त्तव्य है कि कहीं भी कुछ गलत हो रहा है तो उसे रोका जाये और ब्लॉगिंग को सही दिशा दी जाए ना कि सिर्फ एक ब्लॉग  को जिससे हम जुड़े हैं...........इसके लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना कहाँ तक उचित होगा? हम सब एक परिवार की तरह हैं और उसी की मर्यादा के अनुरूप रहना चाहिए ना कि एक दूसरे पर छींटा कशी की जाये और ब्लॉगिंग का राजनीतिकरण किया जाये जो ब्लॉगिंग के लिए सबसे दुखद पहलू होगा .............अभी ब्लॉगिंग अपने शैशव काल में है और इसी में इस तरह की बातें करना गलत है .........देखिये कितने सम्मान की बात है कि हमारे ब्लॉगर दोस्त श्री अजित वडनेकर जी को ब्लॉगिंग के लिए सम्मान प्राप्त हुआ ...........ये सम्मान ब्लॉगिंग की दुनिया में मील का पत्थर साबित होगा और आगे बाकी ब्लोगर्स  के लिए नए रास्ते खुलेंगे .........इस तरह के आयोजनों का तहेदिल से स्वागत करना चाहिए ..........मेरी सभी ब्लोगर दोस्तों से एक ही अपील है कि सभी मिलजुलकर मोहब्बत के साथ अपने कार्य में लगें और एक दूजे को उचित मान सम्मान दें अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपकी छवि ही ब्लॉगजगत में धूमिल होगी ..........और जहाँ  तक मेरा सवाल है जब मुझे ये लगेगा कि यहाँ राजनीति खेली जा रही है मैं उसी दिन उसी वक्त इस पद को छोड़ दूंगी क्योंकि मैं किसी भी तरह की राजनीति की हिस्सा नहीं बन सकती ...........हाँ ब्लोगर दोस्तों के लिए हमेशा तैयार हूँ .......उनकी समस्याओं के लिए जहाँ तक हो सकेगा कोशिश करुँगी निदान करने का मगर ब्लॉगिंग में राजनीति मुझे पसंद नहीं.

इसलिए उम्मीद करती हूँ कि कोई भी AIBA का सदस्य कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं करेगा जिससे इसकी गरिमा को ठेस पहुंचे .

धन्यवाद !

-वन्दना गुप्ता
अध्यक्षा, AIBA
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11 टिप्पणियाँ:

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

vandana ji ne bahut hi acchi baat kahi hai hia , aur ka is baat ka samman karna chahiye saare dosto ko .

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

वंदना जी देर से ही सही लेकिन आज ए आई बी ए के अध्यक्ष पद के लिए हमारी शुभकामना स्वीकार कीजिये... दूसरी बात आज जब हिंदी ब्लॉग्गिंग एक मुकाम पर पहुच रही है.. सबकी जिम्मेदारी है तमाम तरह के भेदों से दूर होकर हिंदी को शाशाक्त करें और सकारात्मक योगदान करें.. आपकी अपील से हम सहमति रखते हैं... अजीत जी को बहुत बहुत बधाई... शब्दों का सफ़र एक प्रतिष्टित ब्लॉग है हमें उसका सम्मान करना ही चाहिए...

सलीम ख़ान ने कहा…

.हर काम स्त्री और पुरुष दोनों के सहयोग से ही संभव है और हम यहाँ कोई स्त्री पुरुष में भेदभाव के लिए इकट्ठे नहीं हुए हैं ..........हमारा कर्त्तव्य है कि कहीं भी कुछ गलत हो रहा है तो उसे रोका जाये और ब्लॉगिंग को सही दिशा दी जाए !!!

हरीश सिंह ने कहा…

मैं सलीम भाई, अरुण जी की बात से सहमत हूँ.. बेमतलब विवाद करने से कोई लाभ नहीं. सभी को मिलकर हिंदी लेखन को बढ़ावा देना चाहिए.

वन्दना ने कहा…

शुक्रिया सलीम खान जी और हरीश सिंह जी………बस यही अपेक्षा रखती हूँ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

जहाँ तक ऑल इण्डिया ब्लॉगर्स ऐशोसियेसन की अध्यक्षता का प्रश्न है, किसी न किसी को तो इस पद को सुशोभित करना ही था! यदि बन्दना गुप्ता को ही चुन लिया गया तो इसमें किसी को कोई भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
वन्दना एक सुलझी हुई और कर्मठ व्लॉगर हैं।
यहाँ मैं इनकी तारीफ नहीं कर रहा हूँ, बल्कि अपनी ओर से यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि वो बहुत ही स्वाभिमानी महिला है।
यदि उसको यह लगेगा कि उसके कारण इस ऐशोसियेसन का अहित हो रहा है तो वह इस पद को छोड़ने में तनिक भी विलम्ब नहीं करेंगी।
यदि कोई उनका विरोधी या प्रतिद्वन्द्वी है तो वो स्पष्टरूप से खुलकर सामने आये।
रही बात की प्रतिष्ठा की -
तो मैं तो यह कहता हूँ कि जो भी साफ-सुथरी और रचनात्मक ब्लॉगिंग कर रहे हैं वह तो बिना किसी पद के भी प्रतिष्ठित ही है और प्रतिष्ठित ही कहलाते रहेंगे!

शिखा कौशिक ने कहा…

वंदना जी आपने बिलकुल सही कहा है .आपसे सहमत हूँ की ब्लोगिंग को बाटना नहीं है बल्कि सबको साथ साथ चलकर इसे उचाई प्रदान करनी है .शुभकामनायें .

वन्दना ने कहा…

@ shastri ji ,@shikha ji


आप दोनो की हार्दिक आभारी हूँ और यही चाहती हूँ हिन्दी ब्लोगिंग को नया आयाम मिले और हिन्दी का सम्मान और प्रयोग निरन्तर बढता रहे।

अख़्तर खान 'अकेला' ने कहा…

pkka vaadaa aadrniy adhyksha ji . akhtar khan akela kota rajsthan

Atul Shrivastava ने कहा…

ब्‍लाग जगत को भेदभाव से परे रहकर ब्‍लागरी को ऊंचा ओहदा दिलाने के लिए काम करना चाहिए।
वंदना जी आपको बधाई और शुभकामनाएं कि आप अपने कर्तव्‍यों में पूरी तरह सफल रहें।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सार्थक अपील वंदना जी ...... शुभकामनायें

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