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Written By Akhtar khan Akela on बुधवार, 16 फ़रवरी 2011 | 10:45 am

क्या देश में गहलोत सा हे कोई दुसरा मुख्यमंत्री

Tuesday, February 15, 2011

दोस्तों आप इतिहास छानिये भविष्य के गर्भ में जाइए और बताइए क्या देश में हमारे राजस्थान जेसा कोई मुख्यमंत्री हे नहीं ना अब में इन मुख्यमंत्री जी की लोकप्रियता का कारण बताता हूँ राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत जी खुद के पास तो कोई विभाग नहीं रखते हें खुद बिना विभाग के मुख्यमंत्री हें लेकिन कंट्रोल पूरा का पूरा हे छोटी सी भी फ़ाइल हो मुख्यमंत्री भवन से गुजरेगी , अल्पमत हो तो यह जादूगर हें सरकार फिर भी बहुमत साबित कर बना लेते हें असंतुष्ट हो तो उसे अपना बना लेते हें लेकिन कोई गद्दार हो तो फिर उसे सबक भी सिखा देते हें ।
ऐसे कामयाब मुख्यमंत्री जिन्होंने ने विरोधियों को नाकों चने चबा दिए हों कल उनके निवास पर जब जनसुवाई के दोरान जनसुनवाई के दोरान आया और उसने मुख्यमंत्री गहलोत के गिरेबान पर हाथ डालना चाहा एक बार नहीं दो बार नहीं कई बार उसने ऐसा किया लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने अपना राजधर्म निभाया उन्होंने इस विक्षिप्त युवक से खुद ने कारण जानना चाहा और एक सन्वेदनशील राजा की तरह उन्होंने अपना राजधर्म निभाते हुए इस विक्षिप्त युवक को उसके गाँव चंव्दिया नागोर भिजवाया ।
मुख्यमंत्री का करिश्मा उनकी संवेदनशीलता इस हद तक तो ठीक थी लेकिन कल तो उन्होंने सभी हदें पार कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया मुख्यमंत्री गहलोत इस विक्षिप्त युवक के ससुराल रह रहे पत्नी और बच्चों का हाल जानने पहुंच गये उन्होंने वहां इस युवक की पत्नी को पचास हजार की सहायता की घोषणा की और उसक युवक के पुत्र पुत्री मनीषा व् किरन की पढाई का खर्चा खुद उठाने की बात कही हमने किताबों में पढ़ा था किस्सों में सुना था के पहले राजा महाराजा रात को बहस बदल कर बाहर निकला करते थे और लोगों के दुःख दर्द छुप कर पता लगते थे फिर उन दुःख दर्द का समाधान उन तक पहुंचा कर राज धर्म अपनाते थे हमारे देश में किसी मुख्यमंत्री ने तो ऐसा नहीं किया था लेकिन जब हमारे राजस्थान के मुख्मंत्री अशोक गहलोत ने ऐसा कर दिखाया तो बस मुझ सहित राजस्थान की जनता का सीना गर्व से ऊँचा हो गया ...................... । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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