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Written By Akhtar khan Akela on शनिवार, 5 फ़रवरी 2011 | 8:44 am

सारी राजनतिक पार्टियां काले धन से चलती हे ... .

Friday, February 4, 2011

देश में राज स्थापित कर कुर्सी हडपने की दोड में लगी सभी राजनितिक पार्टियां काले धन को प्राप्त कर अपना काम चलाती हे यह कथन किसी एरे गेरे का नहीं बलके इस अपराध में शामिल एक उद्योगपति सांसद राहुल बजाज का हे जिस की सत्यता पर कोई शक करने का आधार नहीं हे ।
देश के बढ़े उद्योगपतियों में से एक राहुल बजाज इन दिनों सांसद हे और वोह काले धन पर बोल रहे थे उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा के राजनितिक पार्टियां चुनाव के दिनों में उद्योगपतियों से काला धन प्राप्त करती हें पर चुनाव उसी आधार पर लढा जाता हे , राहुल बजाज व्यवाहारिक हें वोह खुद भी सियासी पार्टियों को काले धन का चंदा देने वालों को इसुची में रहे होंगे लेकिन उहोने जो सच उगला हे उससे देश के सामने एक सवाल खड़ा हो गया हे के जब राजनितिक पार्टियां कुर्सी हथियाने के लियें काले धन और काले लोगों का सहारा लेती हे तो फिर कुर्सी मिलने के बाद वोह जनता की कम और ऐसे काले धन कमाने वालों की रक्षक ज्यादा बन जाती हे राजनितिक पार्टियां अब नई कहावत बना चुकी हे जेसे लोग कहते हें के तुम एक पैसा दोगे तो भगवान एक लाख देगा उसे अब नेताओं एन बदल दिया काले धन वालों से पार्टियां कहती हे के तुम हमें एक पैसा दोगे तो सरकार तुम्हे एक करोड़ कमाने का मोका देगी अब इससे अच्छा उद्योग कोनसा होगा झना अनुपातिक तोर पर एक पैसा लगाने पर एक करोड़ मिल रहे हें फिर जब सियासी पार्टी ने अगर वायदा कर लिया हे तो फिर पूरा तो करना ही हे और आज देश में जो कुछ भी हो रहा हे वोह इसी वायदे को निभाने के कारण जनता को बली का बकरा बना कर कसाई उद्योगपतियों,जमाखोरों,मुनाफाखोरों और भर्स्ट लोगों के सामने तदपने बिलखने सिसकने के लियें डाल दिया गया हे शायद इन दिनों लोकतंत्र की यही परिभाषा हो गयी हे .............. । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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