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राजीव जी के भ्रस्टाचार मुक्त भारत के सपने को उनकी पार्टी ने ही चकनाचूर किया

Written By Akhtar khan Akela on शुक्रवार, 26 अगस्त 2011 | 5:47 pm


देश के युवराज राहुल गांधी ने आज देश की संसद में पहली बार भ्रष्टाचार के इतने संगीन मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी ..उन्होंने चिंता व्यक्त की के लोकपाल भी भ्रष्ट हो सकता है .सही है मानवीय स्वभाव है लेकिन किसी भी लोकपाल को हटाने की प्रक्रिया भी तय कर लेना चाहिए ...राहुल जी शायद जानते होंगे के उनके वालिद और देश के दिल की धडकन आदरणीय राजीव गान्धी एक मात्र ऐसे नेता थे जो भ्रष्टाचार के दुश्मन थे और उन्होंने हर हाल में भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प लिया ....सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार की बात स्वीकारी इसे खत्म करने के प्रयास किये लेकिन अफ़सोस उनकी खोफ्नाक और दर्दनाक हत्या के बाद देश में वोह लोग शासन में आये जो राजीव जी के हत्यारों की फ़ाइल उलझाकर बेठे थे जिन्होंने राजिव जी की विधवा सोनिया गाँधी को अलग थलग कर उनका अपमान किया था और लगातार अपमान करते रहे थे .....वही लोग प्रधानमन्त्री गृह मंत्री बने और फिर राजीव जी की हत्या की जांच के नाम पर तमाशे किये गये लेकिन राजीव जी की भ्रष्टाचार विरोधी मुहीम को आगे बढ़ाने की जगह सांसदों को रिश्वत देकर विश्वास मत प्राप्त किया पकड़े गए तो फिर उनके कपिल सिब्बल ने उनकी ऐसी पेरवी की के वोह भी उनकी टीम के हिस्सा बन गए उस वक्त आज के प्रधानमन्त्री सांसदों को रिश्वत देकर विश्वास मत प्राप्त करे वाले प्रधानमन्त्री के नजदीकी थे और विदेशी एजेंसियों को देश में बुलाकर देश में आंतरिक मूल्य वृद्धि करवा रहे थे ..आज जो प्रधानमन्त्री हैं उन्होंने भी राजीव जी के सपनों को चकनाचूर किया और संसद में नोटों के प्रदर्शन के बाद अल्पमत में आने पर भी जिस तरह से पिछली बार उन्होंने विश्वासमत हांसिल किया एक कलंक है ....यह सब राजीव जी की छवि को खत्म करने का एक प्रयास था जो लोग राजीव जी के दुश्मन और भ्रष्टाचार के पक्षधर थे आज वही सब सोनिया के खास दरबारी है देश के मुखिया है ..संसद में वोह लोग देश की गरीबी ..कालाबाजारी ..भ्रष्टाचार से त्रस्त लोगों का मजाक उड़ा कर आप मुंह मिया मिट्ठू बन कर कहते हैं देश की अर्थव्यवस्था उन्होंने सुधारी है देश में बीस रूपये का पेट्रोल ६५ रूपये और गेस महंगी है कपड़े से लेकर सभी खाने पीने की वस्तुएं दवाये महंगे दामों पर कई गुना अधिक कीमते बढ़कर बेचीं जा रही है वायदा व्यापार से जनता दुखी है सोना चांदी आसमां पर है जनता में महंगाई से त्राहि त्राहि है और जनाब प्रधानमन्त्री संसद में कहते है में ईमानदार हूँ मेने देश को अर्थव्यवस्था दी है आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमां पर पहुंचा कर कोनसी अर्थव्यवस्था की बात की जाती है में तो समझ नहीं पाया .ऐ राजा और कोमन वेल्थ घोटाले के बाद प्रधानमन्त्री किस तरह से बेदाग़ है जनता के किसी भी आदमी के समझ में नहीं आया लेकिन एक बात जनता समझ गयी है के चोर चोर मोसेरे भाई है और कोंग्रेस हो या भाजपा सभी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर इसे बनाये रखना चाहते है और तरह तरह के बहाने ढूंढ़ रहे हैं राहुल गाँधी भी इस चंडाल चोकड़ी के शिकार हो गये हैं देश में एक टी ऍन शेषन थे जिन्होंने ने देश को निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था दी थी लेकिन बाद में उनके पर कतरने के लिए कोंग्रेस सरकार ने चुनाव आयुक्त का एकाधिकार खत्म कर तीन चुनाव आयुक्त कर दिए थे और तभी से चुनाव व्यवस्था छिन्न भिन्न है राजनीतिक दलों की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म है और इनकी मनमानी है ......देश की फोज देश में हो रहे भ्रष्टाचार और अत्याचार से त्रस्त थी फोज के मुखिया ने प्रधानमन्त्री से जनहित में आपत्ति किया जता दी फोज के मुखिया विखंडित कर दिए गए थल , जल और नभ के फोजी इंचार्ज अलग अलग बनाकर सरकार ने राहत की सांस ली ..अब सरकार अन्ना के मामले को भी मजाक में लेकर इसे हास्यास्पद बना रही है लेकिन देखते हैं अन्ना की आंधी कोंग्रेस को कहां बहा कर ले जायेगी इसका अंदाजा भी राहुल गाँधी को होना चाहिए और उन्हें कोंग्रेस को इस चंडाल भ्रष्ट चोकड़ी से मुक्त करा कर कोंग्रेस को फिर से आज़ाद कराना चाहिए ताकि उसके दाग मिट सकें .....अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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