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इस सियाह रात के बाद आज़ादी की रौशनी ने...

Written By Akhtar khan Akela on रविवार, 14 अगस्त 2011 | 2:00 pm


मेरे भारत वासियों
मेरे भाइयों ..मेरे ब्लोगर दोस्तों
आज १४ अगस्त को
हमारा भारत अंग्रेजों की
काली चाल के आगे बेबस था
और इसी दिन भारत बिखर कर
भारत से
हिंदुस्तान पाकिस्तान हो गया था
आज के दिन इस अफ़सोस नाक घटना से
हमारे भारत और भारतवासियों के आगे
घटाटोप अँधेरा छा गया था ॥
लेकिन दोस्तों कहते हैं हर काली रात के बाद
रोशन सवेरा होता है
और बस हमारे साथ भी यही कुछ हुआ
इस सियाह रात के बाद आज़ादी की रौशनी ने
हमारे देश को खुशियों से जगमगा दिया ..हमारे देशवासियों के दुःख को
आज़ादी के जश्न में बदल दिया
और अंग्रेजों के आगे करोड़ों करोड़ बलिदान के बाद
हमने जो आज़ादी हांसिल की
अपना सब कुछ खोकर
बेशकीमती आज़ादी हमें मिली
क्या आज हम उसे बचा कर रख पाए हैं
अगर नहीं तो सोचिये हम कहां गलत हैं
हमारे भाई , हमारी सरकारे कहां गलत हैं
कहीं हम आज़ादी का गला घोंटने वाली सरकारों को चुन कर
हमारे देश की आज़ादी का अपमान तो नहीं कर रहे
दोस्तों झकझोर दो अपने अंतर्मन को अपने जमीर को अपनी अंतरात्मा को
शायद एक बार फिर हमे इन आज़ादी के बेरहम कातिलों से
आज़ादी मिल जाए ...............इसी के साथ आप सभी लोगों को स्वतन्त्रता दिवस की वर्षगाँठ मुबारक हो ......अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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