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इसलिए हमें जन लोकपाल बिल चाहिए /

Written By Rajesh Sharma on रविवार, 24 अप्रैल 2011 | 10:25 am

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / मैं ये नहीं चाहता की मेरे हक का हिस्सा कोई जन प्रतिनिधि हजम कर जाए / मैं ये चाहता हूँ की मेरे गाँव मेरे शहर मेरे मोहल्ले के विकाश के लिए जो रकम निश्चित की गयी हैं वो उसी में लगायी जाए / दिल्ली से एक रूपया चले तो मेरे तक पहुचने के बाद भी वो एक रूपया ही रहे / मेरे हक के पैसो में किसी की सेंध मुझे बर्दाश्त नहीं हैं / इसलिए मुझे जन लोकपाल बिल चाहिए /

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / मुझे अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए विद्यालयों में उनका प्रवेश चाहिए, बिना रिश्वत / इसलिए मुझे जन लोकपाल बिल चाहिए /

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / मुझे अपने व्यवसाय को पंजीकृत करवाने के लिए विक्री कर विभाग में रिश्वत नहीं देनी हैं / इसलिए मुझे जन लोकपाल बिल चाहिए /

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / हमारे देश का कर चोरी करके विदेशो में धन जमा करने की प्रवृति में रोक लगनी चाहिए / काले धन की पैदाइश में रोक लगनी चाहिए / इसलिए मुझे जन लोकपाल बिल चाहिए /

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा जो रासन तेल हमें मिलना चाहिए उसकी कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए / इसलिए हमें जन लोकपाल बिल चाहिए /

मैं भारत का आम नागरिक हूँ / मुझे अपने घर, व्यवसाय या खेत में बिजली का कनेक्सन लेने के लिए रिश्वत न देनी पड़े / इस लिए मुझे जन लोकपाल बिल चाहिए /

कृपया आपको क्यूँ चाहिए जन लोकपाल बिल अपने कमेन्ट भी दीजिये /
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4 टिप्पणियाँ:

हल्ला बोल ने कहा…

क्या आप सच्चे हिन्दू हैं .... ? क्या आपके अन्दर प्रभु श्री राम का चरित्र और भगवान श्री कृष्ण जैसा प्रेम है .... ? हिन्दू धर्म पर न्योछावर होने को दिल करता है..? सच लिखने की ताकत है...? महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवा जी, स्वामी विवेकानंद, शहीद भगत सिंह, मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद जैसे भारत पुत्रों को हिन्दू धर्म की शान समझते हैं, भगवान शिव के तांडव को धारण करते हैं, जरूरत पड़ने पर कृष्ण का सुदर्शन चक्र उठा सकते हैं, भगवान राम की तरह धर्म की रक्षा करने के लिए दुष्टों का नरसंहार कर सकते हैं, भारतीय संस्कृति का सम्मान करने वाले हिन्दू हैं. तो फिर यह साझा ब्लॉग आपका ही है. एक बार इस ब्लॉग पर अवश्य आयें. जय श्री राम
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जरा सोचिये उपरोक्त सारी बाते आपका दिल स्वीकार करता है. पर हिन्दू खुद को हिन्दू कहने में डरता है, वह सोचता है की कही उसके ऊपर सांप्रदायिक होने का आरोप न लग जाय, जबकि हिन्दू धर्म है संप्रदाय नहीं. हमारे इसी डर ने हमें कमजोर बनाया है.
जरा सोचे -- कश्मीर में हमारी माँ बहनों की अस्मिता लूटी जा रही है. हम चुप हैं.
रामजन्मभूमि पर हमले हो रहे हैं........ हम चुप हैं.
हमारे धार्मिक स्थल खतरे में हैं और हम चुप हैं..
इस्लाम के नाम पर मानवता का खून बह रहा है . हम चुप हैं.
हम आतंकी खतरे के साये में हैं..... हम चुप हैं..
मुस्लिम बस्तियों में हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं. हम चुप हैं..
दुर्गापूजा, दशहरा, गणेश पूजा सहित सभी धार्मिक जुलुस, त्यौहार आतंक के साये में मनाये जाते हैं और हम चुप है.
क्या यह कायरता हमें कमजोर नहीं कर रही है.
जागिये, नहीं तो जिस तरह दिन-प्रतिदिन अपने ही देश में हम पराये होते जा रहे हैं. एक दिन भारत माता फिर बाबर और लादेन के इस्लाम की चंगुल में होगी.
हमारी कायरता भरी धर्मनिरपेक्षता भारत को इस्लामिक राष्ट्र बना देगी.
धर्म जोड़ता है, आप भी जुड़िये.
भारतीय संस्कृति की आन-बान और शान और हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपने अन्दर के डर को निकालिए.
आईये हमारे इस महा अभियान में कंधे से कन्धा मिलाकर दिखा दीजिये, हम भारत माँ के सच्चे सपूत हैं.. हम राम के आदर्शों का पालन करते हैं. गीता के उपदेश को मानते हैं.
स्वामी विवेकानंद ने विदेश में जाकर अकेले हिंदुत्व का डंका बजा दिया... हम भी तो हिन्दू हैं.
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आईये " हल्ला बोल" के समर्थक बनकर अपनी आवाज़ बुलंद कीजिये...
अपने लेख को हिन्दुओ की आवाज़ बांयें.
इस ब्लॉग के लेखक बनने के लिए. हमें इ-मेल करें.
हमारा पता है.... hindukiawaz@gmail.com

नम्र निवेदन --- यदि आप धर्मनिरपेक्ष हिन्दू बनते है तो यहाँ पर आकर अपना समय बर्बाद न करें. पर चन्द शब्दों में हमें यह जरूर बताएं की सेकुलर और धर्मनिरपेक्षता का मतलब आपको पता है. यदि पता न हो तो हमसे पूछ सकते हैं. हम आपकी सभी शंकाओ का समाधान करेंगे.
इसको अवश्य पढ़े....
इनका अपराध सिर्फ इतना था की ये हिन्दू थे

Swarajya karun ने कहा…

लेखक ने पाठकों से पूछा है कि जन-लोकपाल क्यों चाहिए ? इस पर विषय से अलग यह कौन सी प्रतिक्रिया है ? किसी भी ब्लॉग पर कोई टिप्पणी /प्रतिक्रिया देने से पहले मूल विषय-वस्तु को तो ज़रा ध्यान से पढ़ लिया जाए !

Swarajya karun ने कहा…

मुझे जन-लोकपाल इसलिए चाहिए कि मेरी और मेरे जैसे करोड़ों भारतीयों की मेहनत की कमाई पर मुट्ठी भर लोग ऊंचे-ऊंचे महल खड़े कर उनमें गुलछर्रे न उडाएं . हमारे टैक्स के रुपयों को लूटकर चोर-डाकू
काले धन का काला कारोबार न कर पाएं . सफेदपोश डकैत हमारे देश की दौलत को देशी-विदेशी बैंकों के गुप्त खातों में जमा न कर पाएं और देशवासियों की मेहनत का रुपया देश के विकास में लगे , भ्रष्टाचार दूर हो , गरीबी और बेरोजगारी मिटे.अगर इन शर्तों को जन-लोकपाल पूरा कर सके तो उसका स्वागत है .

आशुतोष ने कहा…

इस बिल के लागु करने से पहले हमें खुद को इमानदार बनना होगा तब ही ये प्रभावी होगा..

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Thanks for your valuable comment.