नियम व निति निर्देशिका::: AIBA के सदस्यगण से यह आशा की जाती है कि वह निम्नलिखित नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और यह अनुपालित न करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से AIBA की सदस्यता से निलम्बित किया जा सकता है: *कोई भी सदस्य अपनी पोस्ट/लेख को केवल ड्राफ्ट में ही सेव करेगा/करेगी. *पोस्ट/लेख को किसी भी दशा में पब्लिश नहीं करेगा/करेगी. इन दो नियमों का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. द्वारा:- ADMIN, AIBA

Home » »

Written By shikha kaushik on मंगलवार, 16 अगस्त 2011 | 9:10 am

Share this article :

2 टिप्पणियाँ:

gohost ने कहा…

This is a really excellent read for me. Must agree that you are one of the coolest bloggers I ever saw

web hosting india

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

सलट वॉक की ज़रूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि पशुबल संपन्न आदमी जब औरत को अपना शिकार बना लेता है तो उसे इंसाफ़ के बजाय ज़िल्लत मिलती है। अगर मज़लूम औरत को इंसाफ़ मिल जाए और हैवान को सज़ा तो आज दुनिया में कहीं भी सलट वॉक निकालने की ज़रूरत ही न होती ।
...लेकिन यह दुनिया भी कैसी है कि ख़ुद तो सज़ा देना नहीं चाहते और जब कोई हैवान को सज़ा देने की कोशिश करता है तो उसकी आलोचना करते हैं।
इसी मौज़ू को लेकर हमने कुछ तहरीर किया है , इस पर आपकी राय चाहिए
आंख के बदले आंख का इंसाफ ??? ( एक रिपोर्ट जिसे सुना भी जा सकता है )

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for your valuable comment.