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हाँ में भ्रष्टाचार हूँ मेरे भारत महान का आज में सबसे बढ़ा शिष्टाचार हूँ ।

Written By Akhtar khan Akela on सोमवार, 22 अगस्त 2011 | 3:28 pm


हाँ में भ्रष्टाचार हूँ
मेरे भारत महान का
आज में
सबसे बढ़ा शिष्टाचार हूँ ।
जहां जाइयेगा मुझे पाइयेगा
किसी भी घर , किसी भी दफ्तर
जहां भी चाहो
मुझे आवाज़ लगाओ
मुझे पाइयेगा
कहीं में कम हूँ तो कहीं ज्यादा
मेरी जड़ें इन दिनों देश के बाहुबलियों
देश के नेताओं ,,देश के पूंजीपतियों में मजबूत हो गयी है
बस थोड़ी बहुत इन दिनों मुझे अडचन हैं
एक अन्ना रोज़ हजारों अन्ना पैदा कर
मुझे डरा रहा है
लेकिन दोस्तों
बेचारे नासमझ हैं अन्ना जी
मुझे देश के प्रधानमन्त्री का वरद हस्त है
मेरे वाइरस को अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी दवा से बचाने के लियें
मेरे पास कपिल सिब्बल हैं दिग्विजय है चिदम्बरम हैं
संसद में नोटों की रिश्वत देने वाले अमर सिंह
बिहार का चारा खाकर जेल जाने वाले लालू यादव हैं
जी हाँ में कोई छोटी मोती चीज़ नहीं हूँ
मेरे खिलाफ जो बोलेगा
उसे ही में चोर साबित कर दूंगा
मेरा बस नहीं चला तो में ऐसे लोगों को आर एस एस का समर्थक देश का दुश्मन
घोषित करवा दूंगा
हिन्दुओं को मुस्लिम से मुस्लिम को हिन्दुओं से लडवा दूंगा
जी हाँ में भ्रस्ताचार हूँ
क्या होगा अन्ना की अन्ना गिरी से
क्या होगा लोकपाल से क्या होगा जन्लोक्पाल से
में तो में हूँ
कुछ भी कर लो अंग्रेजों की तरह लालच दूंगा
डिवाइड एंड रुल करूंगा
महंगाई और भ्रष्टाचार
कालाबाजारी ..मुनाफाखोर
मुफ्त खोर रिश्वतखोर
विदेशों में कला धन रखने वाले सभी तो मेरे साथ हैं
तो जनाब मेरी जड़ें ऐसे बरगद की तरह मजबूत है
जो अन्ना की आंधी ..अन्ना के गाँधी से ना तो हिलेंगी ना गिरेंगी
क्योंकि में भ्रस्ताचार हूँ ..............अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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1 टिप्पणियाँ:

आशा ने कहा…

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करती रचना |बधाई
आशा

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