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मोदी के उपवास का खर्च उठाएगी गुजरात सरकार...अब देश में आओ उपवास उपवास खोलें

Written By Akhtar khan Akela on गुरुवार, 15 सितंबर 2011 | 9:55 pm


हमारे देश में अगर नेता कुछ भी करे तो मिडिया उसका राजनीतिकरण कर उसकी गंभीरता को खत्म कर देता है .आप सभी जानते हैं के देश में सभी राजनितिक दलों ने रोज़े और रोज़े अफ्तार का राजनीतिकरण कर दिया है ..जबकि अब उपवास का पहली बार देश में राजनीतिकरण हुआ है और वोह भी भाजपा के आर एस एस के सिपाही और पूर्व सिपाही ने ऐसा किया है ......दोस्तों आप सभी जानते हैं के मोदी आर एस एस के हैं और गुजरात में कोंग्रेस के जो अध्यक्ष बाघेला हैं है वोह कभी मोदी के साथी भाजपा के सिपाही और आर एस एस के रंग रुट रहे हैं ....अभी हाल ही में एक खबर के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपवास की घोषणा की उपवास सार्वजनिक नहीं होता यह तो निजी होता है और उपवास का सम्बन्ध बंदे और खुदा से होता है इसे सार्वजनिक करने की कतई आवश्यकता नहीं होती खेर हमारे मोदी जी है ..अद्च्छे प्रशासक है ..बोलते अच्छा है भाजपा के सिरमोर और प्रधानमन्त्री के दावेदार हैं बस उन्होंने इसे जनता के समक्ष एक पत्र लिख कर सार्वजनिक कर डाला ..अगर मोदी उपवास करना चाहते हैं या उपवास कर भी रहे हैं तो इससे भला किसी को क्यूँ और क्या एतराज़ होना चाहिए लेकिन कोंग्रेस जो ठहरी उसने मोदी के उपवास को भी राजनितिक रंग दे दिया पहले दिल्ली से उपवास की आलोचना हुई और फिर गुजरात में कोंग्रेस के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाघेला ने भी उपवास का जवाब उपवास से देने के लियें उपवास रखने की घोषणा कर दी दोस्तों देश में सभी बिन्दुओं पर राजनितिक साजिशें रची गयी हैं और अब जब इस मामले में राजनीति छिचाले दरी होने लगी है तो तोबा करने को जी चाहता है इसलियें कहते है के यह मेरा देश हैं यहाँ आओ उपवास उपवास खेलें ......अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

अहमदाबाद. गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोहरा वार हुआ है। एक तरफ उनके खिलाफ गुजरात दंगों में भूमिका को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाने वाले आईपीएस अफसर संजीव भट्ट ने एक बार फिर उन्‍हें निशाने पर लिया है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भी मोदी के उपवास का जवाब उन्‍हीं के अंदाज में देने का ऐलान किया है।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोडवाडिया ने आज कहा कि मोदी का उपवास नकली सद्भभावना है। उन्‍होंने कहा, '१० सालों में कहां थी मोदी की यह सद्भावना? उन्‍हें गरीबों और बेरोजगारों से सद्भावना क्यों नहीं है? मोदी खुद से गुजरात को न जोड़ें।' कांग्रेस ने अपने उपवास को उपवास यज्ञ का नाम दिया है और कहा है कि यह कांग्रेस का नहीं बल्कि आम जनता का उपवास होगा।
मोदी पर सद्भावना का नाटक करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी और सद्भावना अलग-अलग चीजें हैं। उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा, 'पांड्या के मर्डर के बाद मोदी, आडवाणी उनके घर क्‍यों नहीं गए थे।'
भट्ट ने मोदी को खुला पत्र लिखते हुए कहा है कि सीएम और उनकी पार्टी बीजेपी ने हाल में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मामले में ‘पूरी तरह अर्थ का अनर्थ किया है।’ भट्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी भी सूरत में नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट नहीं देता और किसी मायने में यह नहीं कहता कि उनके खिलाफ जाकिया जाफरी की शिकायत 'गैर-तथ्यात्मक' है। संजीव भट्ट ने लिखा है, 'बीजेपी या उसके नेता नरेंद्र मोदी के प्रचार के विपरीत यह फैसला गुजरात दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।'

बीते अप्रैल में संजीव भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि 27 फरवरी 2002 को वह एक बैठक में शामिल थे जिसमें सीएम मोदी ने वहां मौजूद पुलिस अफसरों से कहा था कि वो दंगाइयों को नजरअंदाज करें और दंगों का शिकार हो रहे लोगों की शिकायतों को भी नजरअंदाज करे।

उधर, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार से तीन दिनों का उपवास करने की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता शंकरसिंह वाघेला ने भी साबरमती आश्रम में उसी दिन से तीन दिनों का उपवास रखने का ऐलान कर दिया है। वाघेला ने कहा कि मोदी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गलत मतलब निकाल रहे हैं और खुद को बेदाग साबित करने की कोशिश में हैं। उन्‍होंने कहा, 'मोदी इतने बेदाग हैं तो वे राज्‍य में लोकायुक्‍त का विरोध क्‍यों कर रहे हैं।'

सरकार उठाएगी उपवास का खर्च

मोदी ने घोषणा की थी कि वह अपने 61वें जन्मदिवस (17 सितंबर) पर 'शांति, एकता एवं सामाजिक सद्भाव' के लिए तीन दिनों का उपवास करेंगे। इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं गुजरात सरकार मोदी के उपवास का भुगतान करेगी। सभी खर्च चेक भुगतान के जरिये किए जाएंगे।

मोदी के उपवास के जवाब में संजीव भट्ट ने लिखा है, 'छह करोड़ गुजरातियों में से मैं भी एक हूं और मैं तब खुद को बेहद ठगा हुआ महसूस करता हूं जब आप जैसे लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए गुजरात के लोगों को बहकाने का काम करते हैं।'

मोदी पर पलट वार करते हुए संजीव भट्ट ने कहा है कि सद्भावना, सच्चाई और न्याय के बिना अधूरी है और इसे कोई मांग या खरीद नहीं सकता। उन्‍होंने कहा कि इस बाबत लोगों का विश्वास जीतना अब मोदी के लिए मुश्किलों से भरा है। भट्ट ने कहा कि जिस फैसले पर मोदी और उनके साथ जुड़े लोग बेहद खुश हैं वह फैसला असल में असल में बेहद चालाकी के साथ दंगों के लिए जिम्‍मेदार लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2002 के गुजरात दंगे मामले में जाकिया जाफरी की ओर से दायर याचिका पर मोदी को राहत दी है। न्यायालय के इस फैसले के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में निर्णय निचली अदालत करेगी।

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2 टिप्पणियाँ:

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

गुजरात में लोकायुक्त का लफ़डा किसने बनाया है?

prerna argal ने कहा…

आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (९) के मंच पर प्रस्तुत की गई है आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आप हमेशा अच्छी अच्छी रचनाएँ लिखतें रहें यही कामना है /
आप ब्लोगर्स मीट वीकली के मंच पर सादर आमंत्रित हैं /

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