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शुभकामना, दीपावली के अवसर पर

Written By DR. ANWER JAMAL on मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011 | 9:43 am

दीपावली का पर्व हमारे हिंदू भाईयों का एक ऐसा पर्व है जिसे कि देश के हरेक क्षेत्र में मनाया जाता है।
यह रौशनियों का पर्व है और इस मौक़े पर वे अपनी ख़ुशियों में अकेले नहीं होते बल्कि भारत में रहने वाले सभी समुदायों के लोग उनकी ख़ुशी में शरीक होते हैं।
समय समय पर पड़ने वाले पर्व भारतीय समाज को आपस में जोड़ने में अपनी बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।
‘हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल‘ की यह पहली दीपावली है,
इस मौक़े पर हम सभी के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं और कामना करते हैं कि हम सबको वह ‘ज्ञान‘ वास्तव में प्राप्त हो जिसका प्रतीक प्रकाश है।
ज्ञान से ही मुक्ति है।
जो लोग त्यौहारों के अवसर पर मिलावट करते हैं वे देशवासियों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं और यह खिलवाड़ हरेक त्यौहार पर किया जाता है। थोड़े से लालच में पड़कर ये व्यापारी लोगों की जान से खेलते रहते हैं और इसके बावजूद हमारे समाज के सम्मानित सदस्य बने रहते हैं।
जितने लोग इनकी मिलावट का शिकार होकर अपनी जान गंवाते हैं, उनकी तादाद विदेशी आतंकवादियों की गोलियों का शिकार होने वालों से कहीं ज़्यादा है। इसके बावजूद भी मिलावट आज तक कोई मुददा नहीं बन पाई और न ही यह रूक पाई है जबकि इसे रोकने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
भारत को सशक्त बनाने के लिए यह ज़रूरी है कि हम बुराई पर अच्छाई की विजय को अपने समाज में घटित होते हुए भी देखें।
समय बदल रहा है और भारतीय समाज के ये खुदरा व्यापारी अगर अभी न सुधरे तो मल्टीनेशनल कंपनियां इसी मिलावट को बुनियाद बनाकर हमारा बाज़ार हथिया लेगी और तब वे सुरक्षित उत्पाद बेचने के नाम पर अपने उत्पाद यहां बेचेंगे और ªहम असहाय से होकर उनके उत्पाद बेचेंगे और जिसके कंट्रोल में बाज़ार होता है, देश भी उसी की नीतियों पर चलता है। यह भी एक सच है।
हमारा लालच हमें गुलामी की तरफ़ ले जा रहा है लेकिन इस तरफ़ ध्यान बहुत कम दिया जा रहा है।
दीपावली के मौक़े पर बाहर चाहे जितने दिए जलाएं लेकिन एक दिया अपने भीतर भी ज़रूर जलाएं और निष्पक्ष होकर तथ्यों पर ग़ौर करें और हरेक बुरा और घातक विचार अपने दिलो दिमाग़ से ऐसे ही निकाल फेंकिए जैसे कि इस अवसर पर घर से कूड़ा बाहर फेंका जाता है।
घर शुद्ध हो और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी यह है कि मन शुद्ध हो।
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
गंगा की शुद्धि पर भी ध्यान दें और हर उस चीज़ पर अपना ध्यान दें जिस पर कि ध्यान देना आपके लिए और समाज के लिए ज़रूरी है और ऐसा हम सब मिल कर करें जैसे कि दीपावली की खुशियां हम सब मिल कर मनाते हैं।
हमारा शुभ हो,
हमारा कल्याण हो,
यह फ़ोरम देशवासियों के लिए पहले और फिर पूरे विश्व के लिए यही कामना उस पालनहार प्रभु से करता है जो कि स्वयं ही प्रकाशस्वरूप है।
आमीन !
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3 टिप्पणियाँ:

Atul Shrivastava ने कहा…

आपको और आपके परिवार को दीप पर्व की शुभकामनाएं......

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

चर्चा मंच परिवार की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आइए आप भी हमारे साथ आज के चर्चा मंच पर दीपावली मनाइए!

Dr. shyam gupta ने कहा…

आपको भी दीप पर्व की शुभ कामनाएं

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