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Written By Akhtar khan Akela on रविवार, 13 मार्च 2011 | 7:53 am

तेरा नाम लिखा हे

मेने 
हर जगह 
सिर्फ 
तेरा नाम 
लिखा हे 
फिर ऐसा क्या हुआ 
जो तुझे 
मेरे साथ 
तेरा नाम नहीं 
दिखा हे , 
तुझे बता दूँ 
एक बार तो 
मेने तेरा नाम 
रेत पर लिखा था 
जिसे आँधियों ने 
उढ़ा दिया ,
तेरा नाम 
फिर हवा पर लिखा 
जो तुझे 
ना जाने क्यूँ नहीं दिखा 
अब फिर मेने 
तेरा नाम 
पानी पर लिख दिया हे 
यह नाम भी 
तूने लहरों में 
बहा दिया हे 
अब बता 
तेरा नाम 
कहाँ लिखूं 
एक दिल हे 
यहाँ तो बस 
खुदा का नाम लिखा हे ........  . . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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