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Written By Akhtar khan Akela on गुरुवार, 7 अप्रैल 2011 | 10:43 pm

एक सफल माँ ही बन सकती है सफल ब्लोगर जो हैं डॉक्टर मोनिका शर्मा

एक सफल माँ ब्लोगर डोक्टर मोनिका शर्मा
जी हाँ दोस्तों एक अच्छा इंसान एक अच्छा व्यक्ति ही अच्छा ब्लोगर बन सकता है लेकिन अगर एक माँ जो अपने बच्चों के लियें कर्तव्यबद्ध हो और उन्हें दुनिया में सबसे ज़्यादा प्यार करती हो अगर ऐसी ममता की मूरत माँ कोई ब्लोगिंग करे तो उसमें तो एक प्यार, एक अपनापन,मधुरता,मिठास , अल्फाजों की जादूगरी और एक नई सोच का आगाज़ होना ही चाहिए और यह सब एक सफल माँ ब्लोगर डोक्टर मोनिका शर्मा में है .
राजस्थान की राजधानी पिंक सिटी जयपुर की मूल निवासी डॉक्टर मोनिका इन दिनों केनेडा में बसी हैं और वोह केनेडा में रहकर हिंदी  से प्यार होने के कारण हिंदी भारत माँ की मात्र भाषा होने के कर्ण हिंदी में ब्लोगिंग कर रही हैं केनेडा के एयर कंडीशन वातावरण में डॉक्टर मोनिका ने नोवंबर २००९ से हिंदी ब्ल्गोगिंग की शुरुआत की और अपने सधे हुए निर्विवाद अल्फाजों से इन्होने जो रचनाएँ जो सारगर्भित लेख ब्लोगिंग की दुनिया को दिए इससे मोंका जी ब्लोगिंग क्वीन बन गयीं और आज ब्लोगिंग की दुनिया में इनका नाम मान सम्मान के साथ लिया जाने लगा है .
प्रारम्भ से ही मीडिया से जुडी रहने के कारण डॉक्टर मोनिक अपना मिडिया का लगाव नहीं छोड़ पायीं और वोह आज भी इसी कार्य में लगी हुई हैं ब्लोगिंग भी वोह करके अपनी इसी विधा की धार लोगों को जता रही हें , एक ख़ास बात डॉक्टर मोनिका में यह है के वोह बहतरीन रचनाकार के साथ गीत लिखने वाली बहतरीन शायर भी हैं और इसी कारण उनके अल्फाजों को अर्चना चाव्जी ने आवाज़ देकर मधुर वाणी बनाकर आज विश्व प्रसिद्ध बना दिया है .
नोवंबर २००९ से विभिन्न मुद्दों पर लिखने वाली महिला ब्लोगर में डोक्टर मोनिका जी सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं और इसीलियें इनकी एक एक रचना पर टिप्पणियाँ बेशुमार होती हैं और सभी टिप्पणियाँ ब्लोगिंग की दुनिया का इनके प्रति प्रेम समर्पण प्यार को प्रदर्शित करती हैं ,वोह खुद कहती है के उनके कर्तव्यों में सबसे पहला और खास कर्तव्य माँ का हे इसीलियें इसके आगे सभी काम बेकार हैं . केनेडा में बैठकर हिन्दुस्तान पर हिन्दुस्तानी भाषा में लिखना इनका हिन्दुस्तान से जुड़ाव हिंदी से लगाव का एक यादगार अनुकरणीय उदाहरण है .
डॉक्टर मोनिका की पमुख लेखनी  में ..............चेतन्य का कोना .......परवाज़ शब्दों  के पंख .......तीज तवार....विश्वास नहीं ...........सबसे अलग ....प्रमुख हैं और इन ब्लोग्स में डोक्टर मोनिका जी ने अपने सारे मरीजों का दर्द अपने सारे साहित्यकारों का शोध उड़ेल कर रख दिया है और इसीलियें डॉक्टर मोनिका एक आदर्श माँ के साथ साथ एक आदर्श निर्विवाद ब्लोगर भी बन गयी हैं जिनका नाम ब्लोगिंग की दुनिया में सम्मान के साथ ही लिया जाता है ..............
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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